शक्तिनगर। पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के सिंगरौली एक निजी कंपनी में सोमवार को भोर में करीब 3.30 बजे यूनिट नंबर-2 में हादसा हो गया। जहां एक हेल्पर की नेहरू चिकित्सालय ले जाते समय मौत हो गयी। इसके बाद नेहरू चिकित्सालय परिसर में मृतक के परिजन पहुंच कर शव लेने से इंकार करने लगे। करीब छह घण्टे तक सीएसपी, टीआई व तहसीलदार को मशक्कत मान मुनौव्वल के लिए करनी पड़ी। जानकारी के अनुसार ग्राम अमहरा निवासी संजय यादव (30) निजी कंपनी में हेल्पर के पद पर कार्यरत थे। रविवार को कंपनी के यूनिट नंबर-2 के हापर में तकनीकी खराबी आई, जहां यूनिट-2 को बंद कर दिया गया और उसे ठीक करने का जिम्मा 5 हेल्परों को मिला था। सोमवार को भोर में 3.30 बजे हापर के हार्नेस को हेल्पर संजय यादव ठीक कर रहे थे। इसी दौरान राखड़ का कुछ गरम मलबा उनके ऊपर अचानक गिर गया। उसी से डरकर वह जल्दबाजी में बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन उनका प्रयास असफल हो गया और अचानक गर्म राखड़ का मलबा उनके ऊपर गिर पड़ा। कुछ दूरी पर खड़े अन्य चार हेल्परों ने उन्हें मलबे से बाहर निकाला, तब तक उसकी हालत बिगड़ चुकी थी। आनन-फानन में कंपनी की तरफ से उपचार के लिए नेहरू चिकित्सालय ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसकी खबर मिलते ही कंपनी व प्रशासन में हड़कम्प मच गया। एक ओर जहांकंपनी परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिये गए, वहीं नेहरू चिकित्सालय भी पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। सोमवार की सुबह करीब 10 बजे मृतक के परिजनों के अलावा काफी संख्या में लोग पहुंच गये। इस दौरान कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के नेता भी पहुंच गए। इसके बाद शव लेने के लिए पुलिस को छह घण्टे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। काफी समझाने के बाद मृतक के परिजन शव लेने को राजी हुए। पुलिस के अनुसार मृतक के परिजनों को कंपनी की ओर से साढ़े पांच लाख रुपये की सहायता, बच्चों को 12 वीं तक पढ़ाई व मेडिकल खर्च उठाने के लिए कंपनी तैयार हुई। वहीं उनकी पत्नी को मासिक भत्ता देने पर भी समझौता हुआ। इस दौरान सीएसपी देवेश पाठक, तहसीलदार जितेन्द्र वर्मा, बैढन टीआई अरूण पाण्डेय, नवानगर टीआई यूपी सिंह, जयंत चौकी प्रभारी महेन्द्र सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।