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सील किए जाने के बाद भी संचालित हो रहें क्रशर प्लांट
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सोनभद्र। खनन क्षेत्र में अवैध खनन का मामला तो आए दिन सुर्खियों में रहता है। इन दिनों सील किए जाने के बावजूद सुकृत खनन क्षेत्र में कई क्रशर प्लांट/उद्योगों के संचालित होने का मामला प्रकाश में आया है। एडीएम के आदेश देने के बावजूद क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अभी तक क्रशर प्लांट संचालित करने वालों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं कराया गया। इस मामले में अपरजिलाधिकारी (एडीएम) ने जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी है।
16 जून 2020 को एक महिला ने जिलाधिकारी को यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी के खिलाफ शिकायती पत्र सौंपा था। उसका आरोप था कि क्षेत्रीय अधिकारी अवैध ढंग से क्रशर प्लांट संचालित करवा रहे हैं। डीएम के आदेश पर एडीएम ने शिकायती पत्र की जांच शुरू की। 13 जुलाई को एडीएम सुकृत खनन क्षेत्र में स्थापित क्रशर प्लांटों/उद्योगों की जांच करने पहुंचे। जांच के दौरान कई क्रशर प्लांटों/उद्योगों पर काफी मात्रा में गिट्टी, बोल्डर भंडारित पाया गया। जबकि मौके पर उक्त क्रशर प्लांटों/उद्योगों को क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा सील होना बताया गया था। एडीएम ने क्षेत्रीय अधिकारी को जिन क्रशर प्लांटों/उद्योगों पर गिट्टी, बोल्डर मिला उनके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया था, लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया।
उधर खान अधिकारी ने सुकृत खनन क्षेत्र में स्थापित और संचालित क्रशर प्लांटों/उद्योगों की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध करा दिया है। उनके आख्यानुसार सुकृत क्षेत्र में 27 स्थापित/संचालित क्रशर प्लांटों/उद्योगों द्वारा बिना भंडारण लाइसेंस प्राप्त किए गिट्टी, स्टोन, डस्ट एकत्र किया जाना पाया गया है।
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एडीएम, योगेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि खान अधिकारी की आख्या के अवलोकन से प्रथमदृष्टया परिलक्षित होता है कि क्षेत्रीय अधिकारी नियंत्रण बोर्ड द्वारा जिले में स्थापित/संचालित क्रशर प्लांटों/उद्योगों के विरूद्घ नियमानुसार कार्यवाही नहीं की जा रही है। इस संबंध में जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने कहा कि संबंधित क्रशर प्लांटो के खिलाफ रिपोर्ट विभागीय मुख्यालय को भेजी गई है। वहां से जो भी निर्देश आएगा। उसी के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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16 जून 2020 को एक महिला ने जिलाधिकारी को यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी के खिलाफ शिकायती पत्र सौंपा था। उसका आरोप था कि क्षेत्रीय अधिकारी अवैध ढंग से क्रशर प्लांट संचालित करवा रहे हैं। डीएम के आदेश पर एडीएम ने शिकायती पत्र की जांच शुरू की। 13 जुलाई को एडीएम सुकृत खनन क्षेत्र में स्थापित क्रशर प्लांटों/उद्योगों की जांच करने पहुंचे। जांच के दौरान कई क्रशर प्लांटों/उद्योगों पर काफी मात्रा में गिट्टी, बोल्डर भंडारित पाया गया। जबकि मौके पर उक्त क्रशर प्लांटों/उद्योगों को क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा सील होना बताया गया था। एडीएम ने क्षेत्रीय अधिकारी को जिन क्रशर प्लांटों/उद्योगों पर गिट्टी, बोल्डर मिला उनके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया था, लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया।
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उधर खान अधिकारी ने सुकृत खनन क्षेत्र में स्थापित और संचालित क्रशर प्लांटों/उद्योगों की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध करा दिया है। उनके आख्यानुसार सुकृत क्षेत्र में 27 स्थापित/संचालित क्रशर प्लांटों/उद्योगों द्वारा बिना भंडारण लाइसेंस प्राप्त किए गिट्टी, स्टोन, डस्ट एकत्र किया जाना पाया गया है।
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एडीएम, योगेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि खान अधिकारी की आख्या के अवलोकन से प्रथमदृष्टया परिलक्षित होता है कि क्षेत्रीय अधिकारी नियंत्रण बोर्ड द्वारा जिले में स्थापित/संचालित क्रशर प्लांटों/उद्योगों के विरूद्घ नियमानुसार कार्यवाही नहीं की जा रही है। इस संबंध में जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने कहा कि संबंधित क्रशर प्लांटो के खिलाफ रिपोर्ट विभागीय मुख्यालय को भेजी गई है। वहां से जो भी निर्देश आएगा। उसी के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।