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कोयला संकट : अनपरा बी से भी कम कराया गया उत्पादन
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उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम की सबसे बड़ी अनपरा परियोजना में कोयला संकट दिन-प्रतिदिन गहराता जा रहा है। लगातार कम होते स्टॉक को देखते प्रबंधन को परियोजना ए के बाद बुधवार से परियोजना बी से भी 100 मेगावाट उत्पादन कम करना पड़ा है।
भुगतान न होने की वजह से कोल प्रदाता कंपनी एनसीएल ने रेल रैक से अनपरा परियोजना को कोयले की आपूर्ति रोक दी है। इस समय सिर्फ परियोजना के एमजीआर से ही आवश्यकता से काफी कम कोयले की आपूर्ति की जा रही है। जबकि 2630 मेगावाट क्षमता की अनपरा परियोजना की सभी सातों इकाइयां इस समय लोड पर हैं। नतीजतन सभी इकाइयों में कोयले का स्टॉक कम होता जा रहा है। परियोजना की तीनों इकाइयों को मिलाकर बुधवार को कोयले का स्टॉक एक लाख 10 हजार टन पहुंच गया। कोयले की किल्लत को देखते हुए प्रबंधन ने पहले 630 मेगावाट क्षमता की ए परियोजना की तीनों इकाइयों से 120 मेगावाट उत्पादन कम कर दिया। इसमें 60 मेगावाट का और इजाफा करते हुए अब ए परियोजना से 180 मेगावाट उत्पादन कम कर दिया गया है। वहीं 1000 मेगावाट क्षमता की अनपरा बी परियोजना से भी बुधवार से 100 मेगावाट उत्पादन कम किया गया है।
6.72 मियू बिजली का हो रहा नुकसान
अनपरा ए व बी से 280 मेगावाट उत्पादन कम किए जाने से प्रदेश को प्रतिदिन 6.72 मिलियन यूनिट (मियू) बिजली का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर कोयले की आपूर्ति की स्थिति में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो नुकसान का यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
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भुगतान न होने की वजह से कोल प्रदाता कंपनी एनसीएल ने रेल रैक से अनपरा परियोजना को कोयले की आपूर्ति रोक दी है। इस समय सिर्फ परियोजना के एमजीआर से ही आवश्यकता से काफी कम कोयले की आपूर्ति की जा रही है। जबकि 2630 मेगावाट क्षमता की अनपरा परियोजना की सभी सातों इकाइयां इस समय लोड पर हैं। नतीजतन सभी इकाइयों में कोयले का स्टॉक कम होता जा रहा है। परियोजना की तीनों इकाइयों को मिलाकर बुधवार को कोयले का स्टॉक एक लाख 10 हजार टन पहुंच गया। कोयले की किल्लत को देखते हुए प्रबंधन ने पहले 630 मेगावाट क्षमता की ए परियोजना की तीनों इकाइयों से 120 मेगावाट उत्पादन कम कर दिया। इसमें 60 मेगावाट का और इजाफा करते हुए अब ए परियोजना से 180 मेगावाट उत्पादन कम कर दिया गया है। वहीं 1000 मेगावाट क्षमता की अनपरा बी परियोजना से भी बुधवार से 100 मेगावाट उत्पादन कम किया गया है।
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6.72 मियू बिजली का हो रहा नुकसान
अनपरा ए व बी से 280 मेगावाट उत्पादन कम किए जाने से प्रदेश को प्रतिदिन 6.72 मिलियन यूनिट (मियू) बिजली का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर कोयले की आपूर्ति की स्थिति में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो नुकसान का यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
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