{"_id":"62f698ab80fe717d7641f969","slug":"clouds-did-not-rain-this-sawan-farmers-lost-hope-sonbhadra-news-vns668946074","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस सावन नहीं बरसे मेघ, किसानों की आस भी टूटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस सावन नहीं बरसे मेघ, किसानों की आस भी टूटी
विज्ञापन
सावन का महीना बारिश बिना सूना रह गया। जिले में औसत से भी कम बारिश होने के कारण खेती प्रभावित हुई है। वर्षा जल के संग्रहण के लिए जिले में निर्मित जलाशयों, बांधों में भी पानी नहीं भर पाया है। इससे भविष्य को लेकर चिंता गहराने लगी है। नदी, नाले और बांधों में पानी न होने से जहां धान की खेती प्रभावित हुई है। वहीं रिहंद जलाशय में पर्याप्त पानी न होने से इस पर आश्रित तापीय परियोजनाओं के लिए भी संकट बढ़ रहा है।
कृषि विज्ञान केंद्र तिसुही (सोनभद्र) के पिछले वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो जून 2021 में करीब 189.8 मिमी बारिश हुई थी। इससे पहले वर्ष 2020 में जून में 297 मिमी बारिश हुई थी। वहीं इसके सापेक्ष इस साल जून में 78.53 मिमी ही बारिश हुई है। यानी पिछले वर्ष से 111.27 मिलीमीटर बारिश कम हुई है। इसी तरह पिछले वर्ष जुलाई महीने में 10 दिन (10 जुलाई तक) में 63.2 मिमी बारिश हुई थी। 11 से 26 जुलाई के बीच में 176.8 मिमी बारिश हुई थी। जुलाई में पिछले वर्ष 240 मिमी से अधिक बारिश रिकार्ड किया गया था। जिला कृषि अधिकारी की मानें तो इस वर्ष जुलाई में 198 मिमी बारिश रिकार्ड हुआ है। एक अगस्त से 10 अगस्त तक औसतन करीब 67 मिमी बारिश हुई है। जून व जुलाई में औसत से भी कम बारिश होने से अभी नदी, नाले, ताल, तलैया एवं जल संरक्षण के उद्देश्य से खोदे गए तालाब नहीं भर सके हैं। बारिश न होने से धंधरौल एवं नगवां बांध भी नहीं भर सके। अच्छी बारिश न होने और बांधों के न भर पाने की वजह से 80 प्रतिशत किसान धान की रोपाई नहीं कर सके हैं। अच्छी बारिश न होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है।
जिले में बन रहे अमृत सरोवर व मनरेगा तालाब
वर्षा जल संचयन के लिए जिला प्रशासन की तरफ से 75 से अधिक अमृत सरोवर और करीब 200 मनरेगा तालाब खोदवाएं जा रहे हैं। लेकिन बारिश न होने से तालाब नहीं भर सके हैं। यहीं हाल नदी, नालों का है। अच्छी बारिश न होने से भविष्य को लेकर चिंता गहराने लगी है।
विज्ञापन
धंधरौल बांध में इस समय 8.6 फीट और नगवां बांध में करीब 25 फीट पानी है। अच्छी बारिश न होने से दोनों बांध में औसत से कम पानी है। बांध में पर्याप्त पानी होने तथा विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर नहर में पानी छोड़ा जाता है। - राजीव सिंह, सहायक अभियंता-एमसीडी मिर्जापुर।
इस वर्ष जून महीने में 78.53 मिलीमीटर और जुलाई महीने में करीब 198.00 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड किया गया है। पिछले वर्षो की तुलना में अच्छी बारिश नहीं होने से खरीफ की खेती प्रभावित हुई है। - डॉ. हरिकृष्ण मिश्र, जिला कृषि अधिकारी-सोनभद्र।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र तिसुही (सोनभद्र) के पिछले वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो जून 2021 में करीब 189.8 मिमी बारिश हुई थी। इससे पहले वर्ष 2020 में जून में 297 मिमी बारिश हुई थी। वहीं इसके सापेक्ष इस साल जून में 78.53 मिमी ही बारिश हुई है। यानी पिछले वर्ष से 111.27 मिलीमीटर बारिश कम हुई है। इसी तरह पिछले वर्ष जुलाई महीने में 10 दिन (10 जुलाई तक) में 63.2 मिमी बारिश हुई थी। 11 से 26 जुलाई के बीच में 176.8 मिमी बारिश हुई थी। जुलाई में पिछले वर्ष 240 मिमी से अधिक बारिश रिकार्ड किया गया था। जिला कृषि अधिकारी की मानें तो इस वर्ष जुलाई में 198 मिमी बारिश रिकार्ड हुआ है। एक अगस्त से 10 अगस्त तक औसतन करीब 67 मिमी बारिश हुई है। जून व जुलाई में औसत से भी कम बारिश होने से अभी नदी, नाले, ताल, तलैया एवं जल संरक्षण के उद्देश्य से खोदे गए तालाब नहीं भर सके हैं। बारिश न होने से धंधरौल एवं नगवां बांध भी नहीं भर सके। अच्छी बारिश न होने और बांधों के न भर पाने की वजह से 80 प्रतिशत किसान धान की रोपाई नहीं कर सके हैं। अच्छी बारिश न होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है।
विज्ञापन
जिले में बन रहे अमृत सरोवर व मनरेगा तालाब
वर्षा जल संचयन के लिए जिला प्रशासन की तरफ से 75 से अधिक अमृत सरोवर और करीब 200 मनरेगा तालाब खोदवाएं जा रहे हैं। लेकिन बारिश न होने से तालाब नहीं भर सके हैं। यहीं हाल नदी, नालों का है। अच्छी बारिश न होने से भविष्य को लेकर चिंता गहराने लगी है।
विज्ञापन
धंधरौल बांध में इस समय 8.6 फीट और नगवां बांध में करीब 25 फीट पानी है। अच्छी बारिश न होने से दोनों बांध में औसत से कम पानी है। बांध में पर्याप्त पानी होने तथा विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर नहर में पानी छोड़ा जाता है। - राजीव सिंह, सहायक अभियंता-एमसीडी मिर्जापुर।
इस वर्ष जून महीने में 78.53 मिलीमीटर और जुलाई महीने में करीब 198.00 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड किया गया है। पिछले वर्षो की तुलना में अच्छी बारिश नहीं होने से खरीफ की खेती प्रभावित हुई है। - डॉ. हरिकृष्ण मिश्र, जिला कृषि अधिकारी-सोनभद्र।