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कागजातों की हेराफेरी के आरोप में लिपिक बर्खास्त
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सोनभद्र। सरकारी विभागों में तैनात लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने आबकारी लिपिक रहे शिवमूरत भीमराव अंबेडकर को बर्खास्त कर दिया। लिपिक पर कागजातों में हेरोफरी करने का आरोप है। जल्द ही कलेक्ट्रेट के एक और कर्मचारी पर गाज गिर सकती है।
वर्ष 2019 में जिलाधिकारी को शिकायत मिली थी कि कलेक्ट्रेट के कुछ कर्मचारियों ने राजस्व अभिलेखागार के कागजातों में हेराफेरी की है। जिलाधिकारी ने मामले में कार्रवाई करने का निर्देश एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह को दिया था। एडीएम ने मामले की जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला कि जिन कर्मियों के ऊपर आरोप लगे हैं उन्होंने मिलीभगत कर एक पट्टे से जुड़े मामले में एडीएम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले की पत्रावली को बदल दी है। डीएम ने एडीएम की रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद दोषी कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया।
सदर कोतवाली में प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट की तहरीर पर तत्कालीन अभिलेखपाल, डीएम के तत्कालीन पेशकार समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद घोरावल के तत्कालीन एवं दुद्वी के वर्तमान एसडीएम प्रकाश चंद्र ने प्रकरण की जांच की तो कर्मियों के ऊपर लगे आरोप सही निकले। डीएम एस. राजलिंगम ने कहा कि पत्रावलियों में हेराफेरी करने के आरोप में आबकारी लिपिक रहे शिवमूरत भीमराव अंबेडकर को बर्खास्त कर दिया गया है। पूर्व में तत्कालीन अभिलेखपाल को बर्खास्त किया जा चुका है। कहा कि लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सूत्रों की मानें तो जल्द अधिकारियों के नाम पर एक व्यक्ति से रुपये की मांग करने वाले लिपिक के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्यवाही की जा सकती है।
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वर्ष 2019 में जिलाधिकारी को शिकायत मिली थी कि कलेक्ट्रेट के कुछ कर्मचारियों ने राजस्व अभिलेखागार के कागजातों में हेराफेरी की है। जिलाधिकारी ने मामले में कार्रवाई करने का निर्देश एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह को दिया था। एडीएम ने मामले की जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला कि जिन कर्मियों के ऊपर आरोप लगे हैं उन्होंने मिलीभगत कर एक पट्टे से जुड़े मामले में एडीएम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले की पत्रावली को बदल दी है। डीएम ने एडीएम की रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद दोषी कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया।
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सदर कोतवाली में प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट की तहरीर पर तत्कालीन अभिलेखपाल, डीएम के तत्कालीन पेशकार समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद घोरावल के तत्कालीन एवं दुद्वी के वर्तमान एसडीएम प्रकाश चंद्र ने प्रकरण की जांच की तो कर्मियों के ऊपर लगे आरोप सही निकले। डीएम एस. राजलिंगम ने कहा कि पत्रावलियों में हेराफेरी करने के आरोप में आबकारी लिपिक रहे शिवमूरत भीमराव अंबेडकर को बर्खास्त कर दिया गया है। पूर्व में तत्कालीन अभिलेखपाल को बर्खास्त किया जा चुका है। कहा कि लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सूत्रों की मानें तो जल्द अधिकारियों के नाम पर एक व्यक्ति से रुपये की मांग करने वाले लिपिक के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्यवाही की जा सकती है।
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