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सोलर स्टडी लैंप से बच्चे करेंगे पढ़ाई, महिलाओं की होगी कमाई
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बिजली संकट से जूझ रहे बच्चों की पढ़ाई के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सोलर स्टडी लैंप बनाएंगी। बिजली के अभाव में बच्चे जहां इस लैंप की रोशनी में पढ़ाई कर पाएंगे, वहीं महिलाओं के लिए यह कमाई का जरिया बनेगा। ग्रामीण महिलाओं को आमदनी का जरिया उपलब्ध कराने के लिए एनआरएलएम ने बड़ी संख्या में उन्हें सोलर स्टडी लैंप बनाने का जिम्मा सौंपा है। उनसे यह लैंप खरीदकर आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को दिया जाएगा।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन की तरफ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इस समय समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर सोलर लैंप का निर्माण कराया जा रहा है। बीते दिनों समूह की 40 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें राबर्ट्सगंज ब्लॉक के 20 और दुद्धी ब्लॉक से 20 समूह की महिलाएं हैं। प्रशिक्षण के पश्चात महिलाएं सोलर लैंप बनाने में जुट गई हैं। पहले चरण में जिले में कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय एवं एकलव्य विद्यालय में सोलर लैंप वितरित किया जाएगा।
एनआरएलएम के जिला प्रबंधक एमजी रवि ने बताया कि विद्यालयों में कुल 3004 सोलर लैंप आवंटित किया जाना है। इसमें करीब 1500 सोलर लैंप बनाए जा चुके हैं। दो-तीन दिन में सोलर लैंप बनने के बाद उसे आवासीय विद्यालयों में आवंटित किया जाएगा। बच्चों में सोलर लाइट जिले के औद्योगिक संस्थान अपने सीएसआर फंड से मुहैया कराएंगे।
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ऐसे होगा महिलाओं को लाभ
एनआरएलएम के जिला प्रबंधक एमजी रवि के मुताबिक समूह की महिलाओं को सोलर लैंप बनाने का कच्चा सामान 440 रुपये प्रति पीस उपलब्ध होगा। लैंप बनाने पर 15 रुपये प्रति लैंप के हिसाब से महिलाओं को भुगतान होगा। सोलर लैंप तैयार होने पर 455 से 460 रुपये लागत आएगी। यह बाजार में 500 रुपये प्रति पीस तक बिकेगा। 20 रुपये लैंप बेचने वालों को बचेगा।
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राष्ट्रीय आजीविका मिशन की तरफ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इस समय समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर सोलर लैंप का निर्माण कराया जा रहा है। बीते दिनों समूह की 40 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें राबर्ट्सगंज ब्लॉक के 20 और दुद्धी ब्लॉक से 20 समूह की महिलाएं हैं। प्रशिक्षण के पश्चात महिलाएं सोलर लैंप बनाने में जुट गई हैं। पहले चरण में जिले में कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय एवं एकलव्य विद्यालय में सोलर लैंप वितरित किया जाएगा।
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एनआरएलएम के जिला प्रबंधक एमजी रवि ने बताया कि विद्यालयों में कुल 3004 सोलर लैंप आवंटित किया जाना है। इसमें करीब 1500 सोलर लैंप बनाए जा चुके हैं। दो-तीन दिन में सोलर लैंप बनने के बाद उसे आवासीय विद्यालयों में आवंटित किया जाएगा। बच्चों में सोलर लाइट जिले के औद्योगिक संस्थान अपने सीएसआर फंड से मुहैया कराएंगे।
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ऐसे होगा महिलाओं को लाभ
एनआरएलएम के जिला प्रबंधक एमजी रवि के मुताबिक समूह की महिलाओं को सोलर लैंप बनाने का कच्चा सामान 440 रुपये प्रति पीस उपलब्ध होगा। लैंप बनाने पर 15 रुपये प्रति लैंप के हिसाब से महिलाओं को भुगतान होगा। सोलर लैंप तैयार होने पर 455 से 460 रुपये लागत आएगी। यह बाजार में 500 रुपये प्रति पीस तक बिकेगा। 20 रुपये लैंप बेचने वालों को बचेगा।