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स्कूलों में पढ़ेंगे जेल में कैद नक्सलियों के बच्चे

Wed, 01 Jun 2016 11:00 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र Updated Wed, 01 Jun 2016 11:00 PM IST
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Children of imprisoned rebels in schools study
स्कूल - फोटो : thebetterindia.com
अब जेल में कैद नक्सलियों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने पहल की है। खंड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे बच्चों को चिह्नित कर उनका विद्यालयों में दाखिला कराने का निर्देश दिया है।  प्रशासन ने नक्सलियों को मुख्य धारा से जोड़ने की कवायद तेज कर दी है। इसके तहत जेल में कैद नक्सलियों के परिवार को लोहिया आवास और पेंशन दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खंड विकास अधिकारियों को संबंधितों की सूची भी सत्यापन के लिए उपलब्ध करा दी गई है।
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वहीं बेसिक शिक्षा विभाग ने भी नई पहल शुरू की है। विभाग ने जेल में कैद नक्सलियों या फिर जमानत पर रिहा नक्सलियों के परिवार की स्थिति की जानकारी लेने का निर्णय लिया है। यदि कोई बच्चा  परिषदीय विद्यालय में नहीं पढ़ रहा होगा तो उसका नामांकन कराकर उन्हें शिक्षित किया जाएगा । इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है कि वे बच्चों को चिह्नित करके उनका नामांकन कराएं।  
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बीएसए मनभरन राम राजभर ने बताया कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत डोर टू डोर बच्चों को चिह्नित किया गया था। यदि फिर भी कोई बच्चा छूट गया होगा तो उसका नामांकन कराया जाएगा। नक्सली परिवारों के सदस्यों के बारे में विशेष रूप से जानकारी ली जाएगी। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे विद्यालयों के प्रधानाध्याकों को इसकी जिम्मेदारी सौंपें और जांच कराकर नक्सली परिवारों के छूटे बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराएं।
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