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Sonebhadra News: शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष समेत 21 पर जालसाजी का केस
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शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष फरीद अहमद सहित 21 लोगों पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने जालसाजी का केस दर्ज किया है। उन पर जिंदा व्यक्तियों को मृत दिखाकर फर्जी तरीके से अंजुमन इस्लामिया कमेटी के पुनर्गठन का आरोप है।
सीजेएम कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। हमीदनगर निवासी मुश्ताक अहमद ने अधिवक्ता के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था।
उन्होंने बताया था कि वह 2014 से लगातार अंजुमन इस्लामिया कमेटी का सदर निर्वाचित होते आ रहे हैं। वर्तमान में भी वह सदर हैं। आरोपी फरीद अहमद, अल्ताफ कादरी, गुड्डू आदि ने साजिश के तहत कागजों में हेरफेर कर छह जून 2020 को कमेटी की बैठक की।
इसमें अजहर खां को मृत दिखाकर फरीद अहमद को सदर, हबीब की जगह मुन्न खां को नायब सदर, अब्दुल जब्बार की जगह सरवर को खजांची, जाफर की जगह रियाजुद्दीन को सेक्रेटरी बना दिया गया।
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जिस दिन यह बैठक दिखाई गई, उस तिथि पर जाफर जिंदा थे, जबकि उन्हें बैठक में मृत दिखाया गया है। इसी तरह जाबर और अजहर खां आज भी जिंदा हैं। हबीब अली को बैठक में शामिल होना बताया गया है, जबकि उनकी मृत्यु बैठक की तिथि से बहुत पहले ही हो चुकी थी।
आरोपियों ने इसी बैठक का हवाला देकर रजिस्ट्रार चिट फंड कंपनी के कार्यालय में पंजीकरण के लिए आवेदन भी किया है। मुश्ताक अहमद के मुताबिक इस फर्जीवाड़े की शिकायत रॉबर्ट्सगंज थाने में की गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
एसपी के स्तर से कार्रवाई न होने पर कोर्ट में वाद दाखिल किया गया। इस मामले में कोर्ट ने सभी आरोपियों पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज करने का आदेश दिया था।
इसके आधार पर शुक्रवार की शाम पुलिस ने फरीद अहमद समेत 21 आरोपियों पर जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया। कोतवाल सत्येंद्र राय के मुताबिक केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
इन पर दर्ज हुआ केस
इस मामले में जिन आरोपियों पर केस दर्ज हुआ है, उनमें शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष फरीद अहमद, मुन्ना खां, सरवर अली, रियाजुद्दीन उर्फ विक्की, तौफीक अहमद उर्फ सोनी, मुस्तफा जमाल उर्फ सुन्ना, शहाबुद्दीन, मु. असलम राइन, चांद बाबू, सरफराज अहमद, सलीम शाह, अरसद सिद्दीकी, तौहीद खान, इम्तियाज, रफीउद्दीन, हजरत अली, जाकिर अली, चन्ने खां, अल्ताफ कादरी, रजाज और गुड्डू शामिल हैं।
टाइपिंग की चूक से रजिस्टर में गलत नाम अंकित हो गया था। बाद में रजिस्ट्रार कार्यालय में शपथ पत्र देकर इसमें सुधार भी करा दिया गया था। पूरे प्रकरण की जांच हो रही है। इसके बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। शिकायतकर्ता मुश्ताक अहमद के विरुद्ध कोर्ट से पहले ही केस दर्ज करने का आदेश हो चुका है। -फरीद अहमद, अध्यक्ष, शहर कांग्रेस कमेटी।
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सीजेएम कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। हमीदनगर निवासी मुश्ताक अहमद ने अधिवक्ता के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था।
उन्होंने बताया था कि वह 2014 से लगातार अंजुमन इस्लामिया कमेटी का सदर निर्वाचित होते आ रहे हैं। वर्तमान में भी वह सदर हैं। आरोपी फरीद अहमद, अल्ताफ कादरी, गुड्डू आदि ने साजिश के तहत कागजों में हेरफेर कर छह जून 2020 को कमेटी की बैठक की।
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इसमें अजहर खां को मृत दिखाकर फरीद अहमद को सदर, हबीब की जगह मुन्न खां को नायब सदर, अब्दुल जब्बार की जगह सरवर को खजांची, जाफर की जगह रियाजुद्दीन को सेक्रेटरी बना दिया गया।
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जिस दिन यह बैठक दिखाई गई, उस तिथि पर जाफर जिंदा थे, जबकि उन्हें बैठक में मृत दिखाया गया है। इसी तरह जाबर और अजहर खां आज भी जिंदा हैं। हबीब अली को बैठक में शामिल होना बताया गया है, जबकि उनकी मृत्यु बैठक की तिथि से बहुत पहले ही हो चुकी थी।
आरोपियों ने इसी बैठक का हवाला देकर रजिस्ट्रार चिट फंड कंपनी के कार्यालय में पंजीकरण के लिए आवेदन भी किया है। मुश्ताक अहमद के मुताबिक इस फर्जीवाड़े की शिकायत रॉबर्ट्सगंज थाने में की गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
एसपी के स्तर से कार्रवाई न होने पर कोर्ट में वाद दाखिल किया गया। इस मामले में कोर्ट ने सभी आरोपियों पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज करने का आदेश दिया था।
इसके आधार पर शुक्रवार की शाम पुलिस ने फरीद अहमद समेत 21 आरोपियों पर जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया। कोतवाल सत्येंद्र राय के मुताबिक केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
इन पर दर्ज हुआ केस
इस मामले में जिन आरोपियों पर केस दर्ज हुआ है, उनमें शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष फरीद अहमद, मुन्ना खां, सरवर अली, रियाजुद्दीन उर्फ विक्की, तौफीक अहमद उर्फ सोनी, मुस्तफा जमाल उर्फ सुन्ना, शहाबुद्दीन, मु. असलम राइन, चांद बाबू, सरफराज अहमद, सलीम शाह, अरसद सिद्दीकी, तौहीद खान, इम्तियाज, रफीउद्दीन, हजरत अली, जाकिर अली, चन्ने खां, अल्ताफ कादरी, रजाज और गुड्डू शामिल हैं।
टाइपिंग की चूक से रजिस्टर में गलत नाम अंकित हो गया था। बाद में रजिस्ट्रार कार्यालय में शपथ पत्र देकर इसमें सुधार भी करा दिया गया था। पूरे प्रकरण की जांच हो रही है। इसके बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। शिकायतकर्ता मुश्ताक अहमद के विरुद्ध कोर्ट से पहले ही केस दर्ज करने का आदेश हो चुका है। -फरीद अहमद, अध्यक्ष, शहर कांग्रेस कमेटी।