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बार्डर के कई गांवोें में बिजली नहीं
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Tue, 06 Dec 2016 11:13 PM IST
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electricity price increases
- फोटो : Demo Pic
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यूपी और बिहार बार्डर से सटे जिले के दर्जनभर गांवों के लोग बिजली की रोशनी को तरस रहे हैं। करीब डेढ़ साल से अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र रामपुर में बन रहा विद्युत सब स्टेशन अब तक अधूरा है। निर्माण कार्य काफी दिनों से बंद है और विद्युत उपकरण इधर-उधर पड़े हैं। उनकी सुधि लेने वाला कोई अफसर नहीं है। इससे ग्रामीणों को बिजली का ख्वाब पूरा होता नहीं दिख रहा है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए सरकारें तमाम प्रयास कर रही हैं, लेकिन ऐसे क्षेत्रों की जमीनी हकीकत कुछ और ही है। पूरे नगवां ब्लॉक क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर अरबों रुपये खर्च हुए लेकिन हालात अब भी बदतर हैं। ऐसा ही हाल इस क्षेत्र में बिजली का है।
नक्सल प्रभावित रामपुर, काशी, पल्हारी, मगरदह, गड़वान, बैजनाथ, केवटम, ढोसरा, गंगवा, पथरकुआं, मझुई, पनौरा, पलपल, चिचलिक, खोड़ैला, बड़ैला, महुली सहित चतरा ब्लॉक के दर्जनों गांवों को रोशनी देने के लिए रामपुर ग्राम पंचायत में करीब तीन करोड़ 82 लाख रुपये की लागत से माध्यमिक विद्युत कार्यखंड मिर्जापुर की ओर से अगस्त 2015 से विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू कराया गया।
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लेकिन करीब डेढ़ साल बीतने के बावजूद अब तक निर्माण पूर्ण नहीं हो सका है। उल्टे अब तो कार्य भी बंद करा दिया गया है। विद्युत उपकरण यहां-वहां पड़े हैं और उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। इससे नक्सल क्षेत्र के लोगों का फिलहाल बिजली की रोशनी देखने का ख्वाब अधूरा ही नजर आ रहा है। इस बाबत माध्यमिक विद्युत कार्यखंड मिर्जापुर के एसडीओ प्रकाश देव पांडेय ने बताया कि रामपुर सब स्टेशन का कार्य आधा से ज्यादा हो चुका है। लेकिन यहां तक बिजली कैसे आएगी इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
कुसुम्हा गांव में सब स्टेशन बनना था और उसी से रामपुर को जोड़ना था लेकिन कुसुम्हा का निर्माण अब दीन दयाल उपाध्याय विद्युतीकरण योजना से होगा। जब तक वह निर्माण पूर्ण नहीं होता, तब तक रामपुर सब स्टेशन को बिजली नहीं मिल पाएगी।
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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए सरकारें तमाम प्रयास कर रही हैं, लेकिन ऐसे क्षेत्रों की जमीनी हकीकत कुछ और ही है। पूरे नगवां ब्लॉक क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर अरबों रुपये खर्च हुए लेकिन हालात अब भी बदतर हैं। ऐसा ही हाल इस क्षेत्र में बिजली का है।
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नक्सल प्रभावित रामपुर, काशी, पल्हारी, मगरदह, गड़वान, बैजनाथ, केवटम, ढोसरा, गंगवा, पथरकुआं, मझुई, पनौरा, पलपल, चिचलिक, खोड़ैला, बड़ैला, महुली सहित चतरा ब्लॉक के दर्जनों गांवों को रोशनी देने के लिए रामपुर ग्राम पंचायत में करीब तीन करोड़ 82 लाख रुपये की लागत से माध्यमिक विद्युत कार्यखंड मिर्जापुर की ओर से अगस्त 2015 से विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू कराया गया।
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लेकिन करीब डेढ़ साल बीतने के बावजूद अब तक निर्माण पूर्ण नहीं हो सका है। उल्टे अब तो कार्य भी बंद करा दिया गया है। विद्युत उपकरण यहां-वहां पड़े हैं और उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। इससे नक्सल क्षेत्र के लोगों का फिलहाल बिजली की रोशनी देखने का ख्वाब अधूरा ही नजर आ रहा है। इस बाबत माध्यमिक विद्युत कार्यखंड मिर्जापुर के एसडीओ प्रकाश देव पांडेय ने बताया कि रामपुर सब स्टेशन का कार्य आधा से ज्यादा हो चुका है। लेकिन यहां तक बिजली कैसे आएगी इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
कुसुम्हा गांव में सब स्टेशन बनना था और उसी से रामपुर को जोड़ना था लेकिन कुसुम्हा का निर्माण अब दीन दयाल उपाध्याय विद्युतीकरण योजना से होगा। जब तक वह निर्माण पूर्ण नहीं होता, तब तक रामपुर सब स्टेशन को बिजली नहीं मिल पाएगी।