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जुगैल, कुलडोमरी और परसोई में खुलेगा आश्रम पद्धति विद्यालय
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डीएम चंद्र विजय सिंह के निर्देश पर ओबरा और दुद्धी तहसील प्रशासन तीन आश्रम पद्धति विद्यालयों के निर्माण के लिए जमीन का चिह्नांकन की कार्यवाही पूरी कर प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया है। आदिवासी व बनवासी बच्चों के लिए जुगैल, परसोई और कुलडोमरी में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय बनाए जाएंगे। पांच-पांच एकड़ में स्कूलों का संचालन किया जाएगा। शासन से धन मिलते ही विद्यालय भवन का निर्माण शुरू हो जाएगा।
जिले का अधिकांश क्षेत्रफल जंगलों और पहाड़ों से आच्छादित है। इन क्षेत्रों में ज्यादातर गरीब तबके आदिवासी एवं बनवासी निवास करते हैं। गरीबी की मार झेल रहे आदिवासी अपने बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मुहैया कराने में असमर्थ है। इसे देखते हुए योगी सरकार ने ओबरा और दुद्धी तहसील क्षेत्र में तीन और आश्रम पद्धति विद्यालयों को खोलने का निर्णय लेते हुए डीएम से स्कूलों को खोलने के लिए जमीन को चिह्नित कर प्रस्ताव मुहैया कराने का निर्देश दिया। डीएम के आदेश पर एसडीएम ओबरा और दुद्धी एसडीएम ने अनुसूचित जनजाति के छात्रों व छात्राओं के लिए राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय की स्थापना के लिए जमीन के चिह्नांकन का काम पूरा कर लिया है। ओबरा एसडीएम राजेश सिंह की टीम ने चोपन विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत जुगैल में जमीन चयनित की है। वहीं दुद्धी एसडीएम शैलेंद्र मिश्रा ने म्योरपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत परसोई और कुलडोमरी में स्कूलों के लिए भूमि को चिह्नित की है। चयनित भूमि का प्रस्ताव तैयार कर डीएम को मुहैया कराएंगे। बता दें कि ओबरा विधायक और राज्यमंत्री संजीव गोंड नेे सरकार से चोपन और म्योरपुर विकास खंड में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खोलने की मांग की थी। उसी के क्रम में निदेशालय जनजाति विकास लखनऊ ने राजकीय आश्रम पद्धति बालक विद्यालय एवं राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय की स्थापना के लिए जिला प्रशासन से भूमि आवंटन की मांग है।
ओबरा और दु्द्धी एसडीएम ने जिन गांवों में आश्रम पद्धति स्कूल खुलने हैं वहां पर जमीन चयनित कर लिया है। हालांकि अभी उपजिलाधिकारियों ने प्रस्ताव तैयार कर नहीं दिया है। - सहदेव मिश्रा, एडीएम।
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जिले का अधिकांश क्षेत्रफल जंगलों और पहाड़ों से आच्छादित है। इन क्षेत्रों में ज्यादातर गरीब तबके आदिवासी एवं बनवासी निवास करते हैं। गरीबी की मार झेल रहे आदिवासी अपने बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मुहैया कराने में असमर्थ है। इसे देखते हुए योगी सरकार ने ओबरा और दुद्धी तहसील क्षेत्र में तीन और आश्रम पद्धति विद्यालयों को खोलने का निर्णय लेते हुए डीएम से स्कूलों को खोलने के लिए जमीन को चिह्नित कर प्रस्ताव मुहैया कराने का निर्देश दिया। डीएम के आदेश पर एसडीएम ओबरा और दुद्धी एसडीएम ने अनुसूचित जनजाति के छात्रों व छात्राओं के लिए राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय की स्थापना के लिए जमीन के चिह्नांकन का काम पूरा कर लिया है। ओबरा एसडीएम राजेश सिंह की टीम ने चोपन विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत जुगैल में जमीन चयनित की है। वहीं दुद्धी एसडीएम शैलेंद्र मिश्रा ने म्योरपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत परसोई और कुलडोमरी में स्कूलों के लिए भूमि को चिह्नित की है। चयनित भूमि का प्रस्ताव तैयार कर डीएम को मुहैया कराएंगे। बता दें कि ओबरा विधायक और राज्यमंत्री संजीव गोंड नेे सरकार से चोपन और म्योरपुर विकास खंड में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खोलने की मांग की थी। उसी के क्रम में निदेशालय जनजाति विकास लखनऊ ने राजकीय आश्रम पद्धति बालक विद्यालय एवं राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय की स्थापना के लिए जिला प्रशासन से भूमि आवंटन की मांग है।
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ओबरा और दु्द्धी एसडीएम ने जिन गांवों में आश्रम पद्धति स्कूल खुलने हैं वहां पर जमीन चयनित कर लिया है। हालांकि अभी उपजिलाधिकारियों ने प्रस्ताव तैयार कर नहीं दिया है। - सहदेव मिश्रा, एडीएम।
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