{"_id":"af8debf19095cbe8a282b9af4e5fc5dd","slug":"anpara-d-production-reached-310-mw-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" अनपरा डी का उत्पादन पहुंचा 310 मेगावाट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनपरा डी का उत्पादन पहुंचा 310 मेगावाट
अमर उजाला ब्यूरो। सोनभद्र
Updated Wed, 03 Jun 2015 11:20 PM IST
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अनपरा डी की मंगलवार की रात उत्पादन पर ली गई पांच सौ मेगावाट वाली पहली इकाई का उत्पादन बुधवार दोपहर 310 मेगावाट तक पहुंच गया। फिलहाल इकाई को ढाई सौ मेगावाट पर चलाया जा रहा है। एक-दो दिन में इकाई को फुल लोड पर लेकर कामर्शियल लोड देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उधर, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि एवं ऊर्जा सलाहकार एससी राय पहली इकाई को नियमित उत्पादन पर लाने के मिशन को कामयाब बताते हुए दोपहर बाद लखनऊ वापस हो गए।
अनपरा डी की पहली इकाई का 31 मार्च को सीएम अखिलेश यादव ने लोकार्पण किया था। खामियों को दुरुस्त कर मंगलवार की रात फिर से इकाई उत्पादन पर ले ली गई। ऊर्जा सलाहकार एससी राय और सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी के मुताबिक इस दौरान सारी चीजें ओके मिलीं और इकाई को बुधवार दोपहर बारह बजते-बजते 310 मेगावाट के लोड पर ले लिया गया।
चूंकि इकाई में शीतलन प्रक्रिया जारी रखने के लिए ब्वायलर में बनने वाली स्टीम के तीन गुने से भी अधिक पानी की जरूरत पड़ती है, इसलिए उत्पादन घटाकर ढाई सौ मेगावाट कर दिया गया। पांच सौ मेगावाट उत्पादन के लिए शीतलन संयंत्र को पानी की कमी न पड़े, इसके लिए टीडीबीएस (टरबाइन डिमराइलिजेशन वाटर सिस्टम) की सभी पाइपों को इकाई से जोड़ा जा रहा है। ऊर्जा सलाहकार का कहना था कि इस काम में 24 घंटे लगेंगे। इसके बाद इकाई को पांच सौ मेगावाट का लोड देकर कामर्शियल लोड देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उम्मीद जताई कि एक पखवारे के भीतर अनपरा डी की बिजली ग्रिड को मिलने लगेगी।
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अनपरा डी की पहली इकाई का 31 मार्च को सीएम अखिलेश यादव ने लोकार्पण किया था। खामियों को दुरुस्त कर मंगलवार की रात फिर से इकाई उत्पादन पर ले ली गई। ऊर्जा सलाहकार एससी राय और सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी के मुताबिक इस दौरान सारी चीजें ओके मिलीं और इकाई को बुधवार दोपहर बारह बजते-बजते 310 मेगावाट के लोड पर ले लिया गया।
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चूंकि इकाई में शीतलन प्रक्रिया जारी रखने के लिए ब्वायलर में बनने वाली स्टीम के तीन गुने से भी अधिक पानी की जरूरत पड़ती है, इसलिए उत्पादन घटाकर ढाई सौ मेगावाट कर दिया गया। पांच सौ मेगावाट उत्पादन के लिए शीतलन संयंत्र को पानी की कमी न पड़े, इसके लिए टीडीबीएस (टरबाइन डिमराइलिजेशन वाटर सिस्टम) की सभी पाइपों को इकाई से जोड़ा जा रहा है। ऊर्जा सलाहकार का कहना था कि इस काम में 24 घंटे लगेंगे। इसके बाद इकाई को पांच सौ मेगावाट का लोड देकर कामर्शियल लोड देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उम्मीद जताई कि एक पखवारे के भीतर अनपरा डी की बिजली ग्रिड को मिलने लगेगी।
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