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Sonebhadra News: समय से नहीं मिली एंबुलेंस, उपचार के अभाव में महिला ने दम तोड़ा
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घोरावल। एक तरफ गुरबत और दूसरी तरफ समय से सरकारी एंबुलेंस न उपलब्ध होने से गरीब महिला ने दम तोड़ दिया। उसे सीएचसी से वाराणसी रेफर किया गया था। परिजन हेल्पलाइन नंबर फोन करते रह गए, मगर घंटे भर बाद भी एंबुलेंस नहीं आई। नतीजा सीएचसी परिसर में ही महिला ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद अफसर जांच की बात कह रहे हैं।
ढेढ़ी गांव निवासी कौशिल्या देवी (32) को बीमार हालत में बृहस्पतिवार की सुबह साढ़े सात बजे घोरावल सीएचसी लाया गया था। डॉक्टरों ने लगभग एक घंटे बाद भी स्थिति में सुधार न होने पर वाराणसी रेफर कर दिया। परिवार काफी गरीब है। उसके पास पर्याप्त रुपये नहीं थे कि वह अपना निजी साधन कर सके और वाराणसी ले जा सके। परिजनों ने एंबुलेंस सेवा के नंबर पर फोन कर मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए मदद मांगी। बताया गया कि कई बार फोन किया गया, लेकिन तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध न होने की बात कही गई। इस दौरान कौशल्या की तबीयत बिगड़ती गई और उसने परिसर में ही दम तोड़ दिया। मौत के बाद परिजन शव लेकर घर चले गए।
मृतका कौशल्या की तीन संतान हैं। इसमें सबसे बड़ी लड़की सात वर्ष और दो बेटे क्रमश: पांच व तीन वर्ष के हैं। इस मामले में सीएचसी अधीक्षक डॉ. नरेंद्र सरोज ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह पैरालिसिस की हालत में कौशल्या को अस्पताल में भर्ती किया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत होने पर बीएचयू रेफर किया गया था। एंबुलेंस न आने की जानकारी नहीं है।
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ढेढ़ी गांव निवासी कौशिल्या देवी (32) को बीमार हालत में बृहस्पतिवार की सुबह साढ़े सात बजे घोरावल सीएचसी लाया गया था। डॉक्टरों ने लगभग एक घंटे बाद भी स्थिति में सुधार न होने पर वाराणसी रेफर कर दिया। परिवार काफी गरीब है। उसके पास पर्याप्त रुपये नहीं थे कि वह अपना निजी साधन कर सके और वाराणसी ले जा सके। परिजनों ने एंबुलेंस सेवा के नंबर पर फोन कर मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए मदद मांगी। बताया गया कि कई बार फोन किया गया, लेकिन तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध न होने की बात कही गई। इस दौरान कौशल्या की तबीयत बिगड़ती गई और उसने परिसर में ही दम तोड़ दिया। मौत के बाद परिजन शव लेकर घर चले गए।
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मृतका कौशल्या की तीन संतान हैं। इसमें सबसे बड़ी लड़की सात वर्ष और दो बेटे क्रमश: पांच व तीन वर्ष के हैं। इस मामले में सीएचसी अधीक्षक डॉ. नरेंद्र सरोज ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह पैरालिसिस की हालत में कौशल्या को अस्पताल में भर्ती किया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत होने पर बीएचयू रेफर किया गया था। एंबुलेंस न आने की जानकारी नहीं है।
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