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खारकीव रेलवे स्टेशन पर फंसा अक्षत, ट्रेन में चढ़ने नहीं दे रही यूक्रेनी सेना

Wed, 02 Mar 2022 11:46 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 02 Mar 2022 11:46 PM IST
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Akshat trapped at Kharkiv railway station, Ukrainian army is not allowing to board the train
यूक्रेन के खारकीव में बिगड़ते हालात के बीच फंसे एमबीबीएस के छात्र अक्षत का परिवार चिंतित हैं। बुधवार की सुबह तक अक्षत के वहां से निकलने की सूचना मिली थी मगर दोपहर बाद स्टेशन तक पहुंचने के बाद ट्रेन पर न चढ़ने देने की खबर ने माता-पिता को परेशान कर दिया है। फोन पर फफकते बेटे की आवाज सुनकर उनकी नींद भी उड़ गई है। वह मदद के लिए भारत सरकार के टोल फ्री नंबरों पर संपर्क साध रहे हैं।
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अक्षत के पिता अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि बुधवार की सुबह यूक्रेन के समयानुसार करीब आठ बजे खारकीव में फंसे भारतीय मूल के करीब 200 छात्रों को यूनिवर्सिटी के बंकर से निकालकर भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों को अपनी निगरानी में रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया। यहां से छात्र ट्रेन से पोलैंड बार्डर पहुंचेंगे उसके बाद बस से पोलैंड में प्रवेश करेंगे। इसके लिए छात्रों ने रात भर जागकर भारत के राष्ट्रीय ध्वज बनाए। सुबह तिरंगा हाथ में लेकर खारकीव रेलवे स्टेशन की करीब 10 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की।
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तिरंगा हाथ में होने पर रूसी सेना ने उन्हें नहीं रोका गया। बताया था कि सभी छात्र खारकीव से लबीब तक ट्रेन से सफर करेंगे। उसके बाद बस से पोलैंड बार्डर पहुंचेंगे। वहीं शाम को अक्षत के पिता से जानकारी ली गई तो वो फूट फूटकर रोने लगे। उन्होंने बताया कि दिन भर से बच्चे खारकीव रेलवे स्टेशन पर भूखे प्यासे पड़े हुए हैं। यूक्रेन के सैनिक उन्हें ट्रेन में चढ़ने नहीं दे रहे हैं। बताया कि जो भी ट्रेन आ रही है उसमें यूक्रेन और अन्य देशों के लोगों को ही चढ़ने दिया जा रहा है। रोते हुए बताया कि उधर भारतीय उच्चायोग की ओर से चेतावनी जारी कर दी गई है कि किसी हाल में भारतीय नागरिक यूक्रेन की सीमा से बाहर निकलें। चूंकि खारकीव से पोलैंड बार्डर की दूरी करीब एक हजार किलोमीटर की है। ऐसे में छात्र वहां से कैसे निकलें ये बड़ा सवाल है।
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