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दो अधीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि, छह नोडल को चेतावनी
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कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक करते डीएम चंद्र विजय सिंह।
- फोटो : SONBHADRA
स्वास्थ्य विभाग के योजनाओं की प्रगति जिले में बेहद खराब है। न पात्रों का आयुष्मान कार्ड बन पा रहा है और न ही जच्चा-बच्चा को योजनाओं का लाभ मिल रहा। सीएचसी पहुंचने वाली गर्भवती को ऑपरेशन से प्रसव की स्थिति में अन्यत्र रेफर कर दिया जा रहा है। बुधवार को डीएम ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। लापरवाही बरतने पर दो सीएचसी के अधीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की तो एक नोडल अधिकारी को भी बदलने का निर्देश दिया।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम चंद्र विजय सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। म्योरपुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शिशिर की ओर से महिलाओं के ऑपरेशन प्रसव के मामले में शिथिलता बरतने की बात सामने आई। घोरावल में भी मरीजों को अन्यत्र रेफर करने का मामला सामने आया। डीएम ने दोनों अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। आयुष्मान कार्ड बनाने की बेहद धीमी प्रगति पर नोडल अधिकारी डॉ. सुमन जायसवाल के स्थान पर किसी अन्य को तैनात करने को कहा। डीआईओएम डॉ. स्नेहा मंजुल, रजत मिश्रा, जितेंद्र को भी चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए।
आरबीएसके टीम के कार्यों की प्रगति संतोषजनक न मिलने पर नोडल डॉ. प्रेमनाथ को चेतावनी देने के निर्देश दिए। जच्चा-बच्चा से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर आरसीएच के प्रभारी डॉ. आरजी यादव को भी चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। महिला नसबंदी व पुरुष नसबंदी की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। प्रभारी डॉ. दिनेश को भी चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। एमसीटीएम में तैनात ऑपरेटर को आरसीएच की डाटा फीडिंग कार्य में तेजी न लाने पर सेवा समाप्ति की हिदायत दी। डीएम ने अधिकारियों को महिलाओं का प्रसव संबंधित सीएचसी व पीएचसी में कराने का निर्देश दिया। बिना लाइसेंस वाले अस्पताल में मरीजों को भेजने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में सीडीओ सौरभ गंगवार, सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर, सीएमएस डॉ. क्रांति कुमार आदि मौजूद रहे।
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कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम चंद्र विजय सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। म्योरपुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शिशिर की ओर से महिलाओं के ऑपरेशन प्रसव के मामले में शिथिलता बरतने की बात सामने आई। घोरावल में भी मरीजों को अन्यत्र रेफर करने का मामला सामने आया। डीएम ने दोनों अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। आयुष्मान कार्ड बनाने की बेहद धीमी प्रगति पर नोडल अधिकारी डॉ. सुमन जायसवाल के स्थान पर किसी अन्य को तैनात करने को कहा। डीआईओएम डॉ. स्नेहा मंजुल, रजत मिश्रा, जितेंद्र को भी चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए।
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आरबीएसके टीम के कार्यों की प्रगति संतोषजनक न मिलने पर नोडल डॉ. प्रेमनाथ को चेतावनी देने के निर्देश दिए। जच्चा-बच्चा से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर आरसीएच के प्रभारी डॉ. आरजी यादव को भी चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। महिला नसबंदी व पुरुष नसबंदी की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। प्रभारी डॉ. दिनेश को भी चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। एमसीटीएम में तैनात ऑपरेटर को आरसीएच की डाटा फीडिंग कार्य में तेजी न लाने पर सेवा समाप्ति की हिदायत दी। डीएम ने अधिकारियों को महिलाओं का प्रसव संबंधित सीएचसी व पीएचसी में कराने का निर्देश दिया। बिना लाइसेंस वाले अस्पताल में मरीजों को भेजने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में सीडीओ सौरभ गंगवार, सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर, सीएमएस डॉ. क्रांति कुमार आदि मौजूद रहे।
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