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दूल्हा-दुल्हन की गाड़ी सीज
Sonbhadra
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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म्योरपुर (संवाददाता)। परिवहन विभाग के सचल दस्ते द्वारा पिकप वाहन पर कारवाई करने से सोमवार को बारातियों को पैदल हो जाना पड़ा। भरी दोपहरी में दूल्हा-दुल्हन समेत बाराती पेड़ों के नीचे छांव ढूंढते नजर आए।
क्षेत्र के रासपहरी गांव में रामलखन के घर से बारात चोपन थाना क्षेत्र के अमिला गांव गई थी। सोमवार को बारात दुल्हन लेकर लौट रही थी। जैसे ही बारात लेकर पिकप रनटोला के पास पहुंची, जंगल में जांच कर रहे परिवहन विभाग के सचल दस्ते ने आवश्यक कागजात न होने के कारण वाहन पकड़ लिया तथा रेणुकूट पुलिस चौकी भेज कर सीज कर दिया। जिससे दूल्हा-दुल्हन समेत सभी बाराती पैदल हो गए। दोपहर करीब एक बजे तपती दुपहरी में दुल्हन समेत सभी बाराती पेड़ों के नीचे ठांव ढूंढते नजर आए। बारातियों में इस बात को लेकर नाराजगी देखी गई। बारात में शामिल लोगों का कहना है कि मानवता नाम की चीज नहीं रह गई है। वाहन सीज ही करना था, तो बारातियों को घर पहुंचने का इंतजाम भी किया जाना चाहिए था। क्योंकि भाड़ा देकर वाहन की बुकिंग की थी। यदि अवैध रूप से यात्री वाहनों का संचालन हो रहा है, तो इसमें भी पुलिस की निष्क्रियता ही दिखती है।
पहले तो अवैध वाहनों का संचालन करने दिया जाता है। इसके बाद जांच के नाम पर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है।
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क्षेत्र के रासपहरी गांव में रामलखन के घर से बारात चोपन थाना क्षेत्र के अमिला गांव गई थी। सोमवार को बारात दुल्हन लेकर लौट रही थी। जैसे ही बारात लेकर पिकप रनटोला के पास पहुंची, जंगल में जांच कर रहे परिवहन विभाग के सचल दस्ते ने आवश्यक कागजात न होने के कारण वाहन पकड़ लिया तथा रेणुकूट पुलिस चौकी भेज कर सीज कर दिया। जिससे दूल्हा-दुल्हन समेत सभी बाराती पैदल हो गए। दोपहर करीब एक बजे तपती दुपहरी में दुल्हन समेत सभी बाराती पेड़ों के नीचे ठांव ढूंढते नजर आए। बारातियों में इस बात को लेकर नाराजगी देखी गई। बारात में शामिल लोगों का कहना है कि मानवता नाम की चीज नहीं रह गई है। वाहन सीज ही करना था, तो बारातियों को घर पहुंचने का इंतजाम भी किया जाना चाहिए था। क्योंकि भाड़ा देकर वाहन की बुकिंग की थी। यदि अवैध रूप से यात्री वाहनों का संचालन हो रहा है, तो इसमें भी पुलिस की निष्क्रियता ही दिखती है।
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पहले तो अवैध वाहनों का संचालन करने दिया जाता है। इसके बाद जांच के नाम पर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है।