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सजल धारा में घोटाला नौ गांवों को नोटिस
Sonbhadra
Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
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म्योरपुर। स्थानीय विकास खंड की नौ ग्राम पंचायतों को खंड विकास अधिकारी द्वारा नोटिस जारी कर स्वजल धारा के तहत कार्य न होने को लेकर जवाब-तलब किया है। मनरेगा घोटाले के अलावा म्योरपुर ब्लाक के नौ ग्राम पंचायतों में 13 प्रोजेक्टों में भी बड़ा गोलमाल हुआ है। मामले का खुलासा ब्लाक के अवर अभियंता लघु सिंचाई की जांच के बाद हुआ है। इससे ब्लाक मुख्यालय में हड़कंप मच गया है।
विकास खंड के रजमिलान, जरहा, सेंदूर, नधिरा, आरंगपानी, परनी, रासपहरी, कुसुम्हा, परासी आदि नौ गांवों में तेरह प्रोजेक्ट के माध्यम से स्वजल धारा योजना के तहत पेयजल आपूर्ति की योजना बनी थी। लाखाें की लागत से लगने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए एक समिति का गठन कर गैर सरकारी संगठनों को जोड़ कर काम कराना था। इस योजना में कई गांवों में घपले की शिकायत मिली तो बीडीओ आशाराम सिंह पटेल ने मामले की जांच अवर अभियंता लघु सिंचाई रामजी सिंह को सौंप दी। जांच में यह खुलासा हुआ कि नौ ग्राम पंचायतों में काम ही नहीं हुआ। सभी काम अधूरे पड़े है। कई गांवों में तो योजना के नाम पर सिर्फ धन निकाला गया है। ऐसे में मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी ग्राम पंचायत की समितियों को नोटिस जारी कर दिया गया। खंड विकास अधिकारी आशाराम सिंह पटेल ने बताया कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। ब्लाक के विभिन्न ग्राम पंचायतों में इस बडे़ घपले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कहा जा रहा है कि सही तरीके से जांच हो तो कइयों की गर्दन नप सकती है।
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विकास खंड के रजमिलान, जरहा, सेंदूर, नधिरा, आरंगपानी, परनी, रासपहरी, कुसुम्हा, परासी आदि नौ गांवों में तेरह प्रोजेक्ट के माध्यम से स्वजल धारा योजना के तहत पेयजल आपूर्ति की योजना बनी थी। लाखाें की लागत से लगने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए एक समिति का गठन कर गैर सरकारी संगठनों को जोड़ कर काम कराना था। इस योजना में कई गांवों में घपले की शिकायत मिली तो बीडीओ आशाराम सिंह पटेल ने मामले की जांच अवर अभियंता लघु सिंचाई रामजी सिंह को सौंप दी। जांच में यह खुलासा हुआ कि नौ ग्राम पंचायतों में काम ही नहीं हुआ। सभी काम अधूरे पड़े है। कई गांवों में तो योजना के नाम पर सिर्फ धन निकाला गया है। ऐसे में मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी ग्राम पंचायत की समितियों को नोटिस जारी कर दिया गया। खंड विकास अधिकारी आशाराम सिंह पटेल ने बताया कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। ब्लाक के विभिन्न ग्राम पंचायतों में इस बडे़ घपले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कहा जा रहा है कि सही तरीके से जांच हो तो कइयों की गर्दन नप सकती है।
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