{"_id":"5be1d494bdec22694b42bccf","slug":"91541526676-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब रहेगा सिर्फ पोषाहार स्टॉक रजिस्टर, शेष काम मोबाइल पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब रहेगा सिर्फ पोषाहार स्टॉक रजिस्टर, शेष काम मोबाइल पर
Updated Tue, 06 Nov 2018 11:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। महिला एवं बाल विकास विभाग अब हाईटेक हो जाएगा। विभाग के 12 रजिस्टर में से 11 रजिस्टर खत्म हो जाएंगे। अब इन राजिस्टरों का काम सीधे मोबाइल ऐप पर होगा। इसके लिए दीपावली के बाद 1675 सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का संबंधित ऐप डाऊनलोड कर मोबाइल दिया जाएगा। सभी सीडीपीओ, सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
जिले में अब ज्यादातर विभाग पेपरलेस हो रहे हैं। सारा कामकाज ऑनलाइन निबटाने का प्रयास किया जा रहा है। तमाम विभागों में इस पर अमल भी शुरू हो गया है। अब महिला एवं बाल विकास विभाग भी हाईटेक होगा और यहां का भी ज्यादातर कामकाज पेपरलैस हो जाएगा। इसको लेकर विभागीय स्तर पर तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। बाल विकास से जुड़े ज्यादातर रजिस्टर खत्म हो जाएंगे और सारा कामकाज मल्टीमीडिया मोबाइल पर डाउनलोड हुए ऐप कैस (कामन एप्लीकेशन साफ्टवेयर) पर ही होगा। बाल विकास एवं पुष्टाहार सेवाओं से जुड़े महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं अब तक रजिस्टरों पर सारा कामकाज निबटाती रही हैं। विभाग में कुल 12 तरह के रजिस्टर बनते हैं। इसमें कर्मचारी उपस्थिति रजिस्टर, बच्चों की उपस्थिति का रजिस्टर, स्टाक, पोषाहार वितरण, टीकाकरण, विटामीन ए रजिस्टर, सर्वे, जन्म मृत्यु पंजीकरण, वजन रजिस्टर, लाल रजिस्टर (अति कुपोषित बच्चों के लिए) समेत कुल 12 तरह के रजिस्टर होते हैं। इनमें से अब 11 तरह के रजिस्टर पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे। इन रजिस्टरों का काम मोबाइल पर कैस ऐप पर ही किया जाएगा। अब सिर्फ पोषाहार का स्टाक रजिस्टर ही रह जाएगा। इस बाबत जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि सुपरवाइजरों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कुल 1675 मोबाइल दिये जाएंगे। इन मोबाइलों में कैस ऐप पहले से ही डाउनलोड होगा। उसमें ऑनलाइन कार्य के लिए सीडीपीओ, सुपरवाइजन और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। दीपावली के बाद इसी माह उन्हें मल्टीमीडिया मोबाइल दे दिया जाएगा। उसी मोबाइल पर ही सारी कार्रवाई अब ऑनलाइन करनी होगी।
विज्ञापन
जिले में अब ज्यादातर विभाग पेपरलेस हो रहे हैं। सारा कामकाज ऑनलाइन निबटाने का प्रयास किया जा रहा है। तमाम विभागों में इस पर अमल भी शुरू हो गया है। अब महिला एवं बाल विकास विभाग भी हाईटेक होगा और यहां का भी ज्यादातर कामकाज पेपरलैस हो जाएगा। इसको लेकर विभागीय स्तर पर तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। बाल विकास से जुड़े ज्यादातर रजिस्टर खत्म हो जाएंगे और सारा कामकाज मल्टीमीडिया मोबाइल पर डाउनलोड हुए ऐप कैस (कामन एप्लीकेशन साफ्टवेयर) पर ही होगा। बाल विकास एवं पुष्टाहार सेवाओं से जुड़े महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं अब तक रजिस्टरों पर सारा कामकाज निबटाती रही हैं। विभाग में कुल 12 तरह के रजिस्टर बनते हैं। इसमें कर्मचारी उपस्थिति रजिस्टर, बच्चों की उपस्थिति का रजिस्टर, स्टाक, पोषाहार वितरण, टीकाकरण, विटामीन ए रजिस्टर, सर्वे, जन्म मृत्यु पंजीकरण, वजन रजिस्टर, लाल रजिस्टर (अति कुपोषित बच्चों के लिए) समेत कुल 12 तरह के रजिस्टर होते हैं। इनमें से अब 11 तरह के रजिस्टर पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे। इन रजिस्टरों का काम मोबाइल पर कैस ऐप पर ही किया जाएगा। अब सिर्फ पोषाहार का स्टाक रजिस्टर ही रह जाएगा। इस बाबत जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि सुपरवाइजरों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कुल 1675 मोबाइल दिये जाएंगे। इन मोबाइलों में कैस ऐप पहले से ही डाउनलोड होगा। उसमें ऑनलाइन कार्य के लिए सीडीपीओ, सुपरवाइजन और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। दीपावली के बाद इसी माह उन्हें मल्टीमीडिया मोबाइल दे दिया जाएगा। उसी मोबाइल पर ही सारी कार्रवाई अब ऑनलाइन करनी होगी।
विज्ञापन