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लापरवाही के आरोप में एडीओ पंचायत घोरावल रिलीव
Updated Wed, 23 Aug 2017 11:55 PM IST
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सोनभद्र। शौचालयों के निर्माण के धन में हेराफेरी करने में एडीओ पंचायत राम उदय यादव को डीएम पीके उपाध्याय ने रिलीव कर दिया है। चोपन सहित अन्य कई एडीओ पंचायत को चेताया है कि यदि उनकी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं आया तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
जिले में जिला पंचायत राज अधिकारी का पद रिक्त होने के नाते कामकाज काफी हद तक प्रभावित है। ब्लॉकों में तैनात सहायक विकास अधिकारी पंचायत भी कार्य के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। लंबे समय से एक जगह जमने के बाद एडीओ पंचायत स्थानीय राजनीति में पड़ गए हैं। इसको डीएम पीके उपाध्याय ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने समीक्षा में पाया कि घोरावल के एडीओ पंचायत राम उदय यादव कार्यालय में हाजिरी नहीं लगाते हैं और बीडीओ से बगैर अनुमति लिये ही ब्लॉक मुख्यालय छोड़ देते हैं। इसी तरह का चोपन एडीओ पंचायत की भी शिकायत डीएम तक पहुंची है। डीएम का कहना है कि एडीओ पंचायत कोई कार्य नहीं कर रहे थे। उनसे पहले ओडीएफ का काम अच्छा हो रहा था लेकिन उनके आने के बाद से यह कार्य पूरी तरह से ठप हो गया। शौचालयों के निर्माण के लिए आने वाले पैसे में भी उन्होंने हेराफेरी शुरू कर दी था, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
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जिले में जिला पंचायत राज अधिकारी का पद रिक्त होने के नाते कामकाज काफी हद तक प्रभावित है। ब्लॉकों में तैनात सहायक विकास अधिकारी पंचायत भी कार्य के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। लंबे समय से एक जगह जमने के बाद एडीओ पंचायत स्थानीय राजनीति में पड़ गए हैं। इसको डीएम पीके उपाध्याय ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने समीक्षा में पाया कि घोरावल के एडीओ पंचायत राम उदय यादव कार्यालय में हाजिरी नहीं लगाते हैं और बीडीओ से बगैर अनुमति लिये ही ब्लॉक मुख्यालय छोड़ देते हैं। इसी तरह का चोपन एडीओ पंचायत की भी शिकायत डीएम तक पहुंची है। डीएम का कहना है कि एडीओ पंचायत कोई कार्य नहीं कर रहे थे। उनसे पहले ओडीएफ का काम अच्छा हो रहा था लेकिन उनके आने के बाद से यह कार्य पूरी तरह से ठप हो गया। शौचालयों के निर्माण के लिए आने वाले पैसे में भी उन्होंने हेराफेरी शुरू कर दी था, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
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