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खसरा, रूबेला को जड़ से खत्म करने की कवायद शुरू
Updated Wed, 31 Oct 2018 11:49 PM IST
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सोनभद्र। खसरा और रूबेला को जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अभियान चला रहा है। इसके तहत नौ माह से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों को उनके दाहिने बांह पर एमआर वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा। वर्ष 2020 तक देश को खसरा और रूबेला से मुक्त करने का लक्ष्य है।
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बुधवार को बताया कि जिले में 26 नवंबर से यह अभियान शुरू होगा। खसरा एक संक्रामक एवं जानलेवा बीमारी है, जो बच्चों में अपंगता और मौत के वजहों में से एक है। यह बीमारी खसरा संभावित व्यक्ति के खॉसने व छींकने से फैलती है। तेज बुखार के साथ चमड़े पर दिखायी देने वाले घमौरी की तरफ लाल चकत्ते, खासी, नाक का बहना और ऑख लाल हो जाना, कान के पीछे व गर्दन में सूजी हुई ग्रन्थियां, जोड़ों में दर्द आदि इसका लक्षण है। उन्होंने बताया कि एमआर का टीका पूरे तरीके से सुरक्षित और प्रभावी है। निजी चिकित्सकों द्वारा यह टीका पिछले कई वर्षों से लगाया जा रहा था। वर्तमान में दुनिया के 149 देशों में एमआर का टीका लगाया जा रहा है। अभियान के तहत भारत में नौ करोड़ बच्चों को टीका लगाये जाने का लक्ष्य है। इस अभियान के तहत जिले में सात लाख से अधिक बच्चों को एमआर का टीका लगाये जाने की कार्य योजना बनायी गयी है।
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सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बुधवार को बताया कि जिले में 26 नवंबर से यह अभियान शुरू होगा। खसरा एक संक्रामक एवं जानलेवा बीमारी है, जो बच्चों में अपंगता और मौत के वजहों में से एक है। यह बीमारी खसरा संभावित व्यक्ति के खॉसने व छींकने से फैलती है। तेज बुखार के साथ चमड़े पर दिखायी देने वाले घमौरी की तरफ लाल चकत्ते, खासी, नाक का बहना और ऑख लाल हो जाना, कान के पीछे व गर्दन में सूजी हुई ग्रन्थियां, जोड़ों में दर्द आदि इसका लक्षण है। उन्होंने बताया कि एमआर का टीका पूरे तरीके से सुरक्षित और प्रभावी है। निजी चिकित्सकों द्वारा यह टीका पिछले कई वर्षों से लगाया जा रहा था। वर्तमान में दुनिया के 149 देशों में एमआर का टीका लगाया जा रहा है। अभियान के तहत भारत में नौ करोड़ बच्चों को टीका लगाये जाने का लक्ष्य है। इस अभियान के तहत जिले में सात लाख से अधिक बच्चों को एमआर का टीका लगाये जाने की कार्य योजना बनायी गयी है।
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