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पौने दो लाख बच्चों को नहीं मिली किताबें
Updated Thu, 03 Aug 2017 10:58 PM IST
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सोनभद्र। सर्वशिक्षा अभियान अब तक कोरा साबित हो रहा है। एक तरफ बच्चों का सरकारी स्कूलों में पंजीकरण कम हो रहा है, दूसरी तरफ बच्चों को मुफ्त में मिलने वाली पाठ्य पुस्तकें शतप्रतिशत नहीं बांटी गई हैं। 1650 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत करीब पौने दो लाख बच्चों को सभी पुस्तकें नहीं मिली है।
जिले में 1810 प्राथमिक एवं 654 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। प्राथमिक विद्यालयों में 1,69,180 बच्चें एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 61556 बच्चें शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शासन ने शिक्षा विभाग को 15 जुलाई तक सभी बच्चों को किताबें वितरित करने का निर्देश दिया था। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक शासन से नामित प्रकाशकों द्वारा कक्षा एक से आठ तक के विभिन्न विषयों की 6,44,883 किताबें उपलब्ध कराई गई है। जबकि 14,11,754 किताबों की जरूरत है।
घोरावल, मधुपुर: चोपन: रामगढ़, शाहगंज के प्रतिनिधियों के मुताबिक विकास खण्ड क्षेत्र में 304 प्राथमिक एवं 104 पूर्व माध्यमिक विद्यालय है। इनमें से अधिकांश स्कूलों में बच्चों को पूरी पाठ्य पुस्तके नहीं मिली है। कक्षा एक, दो, तीन के छात्र-छात्राओं को पूरी पुस्तकें मिल गई हैं। लेकिन कक्षा चार के आठ तक के छात्र-छात्राओं को दो-तीन पुस्तकें ही मिली है। मधुपुर, रामगढ़, शाहगंज, चोपन समेत अन्य इलाकों के अधिकांश स्कूलों में बच्चों को किताबें नहीं मिली है। इससे सर्व शिक्षा अभियान के सब पढ़े, सब बढ़े की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। वहीं जिला बेसिक अधिकारी गोरखनाथ पटेल ने कहा कि जो किताबें आई थी उन्हें वितरित करा दिया गया है। शेष किताबों को मुहैया कराने के लिए संबंधित प्रकाशकों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। ताकि जल्द से जल्द बच्चों को किताबें वितरित कराई जा सके।
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जिले में 1810 प्राथमिक एवं 654 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। प्राथमिक विद्यालयों में 1,69,180 बच्चें एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 61556 बच्चें शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शासन ने शिक्षा विभाग को 15 जुलाई तक सभी बच्चों को किताबें वितरित करने का निर्देश दिया था। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक शासन से नामित प्रकाशकों द्वारा कक्षा एक से आठ तक के विभिन्न विषयों की 6,44,883 किताबें उपलब्ध कराई गई है। जबकि 14,11,754 किताबों की जरूरत है।
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घोरावल, मधुपुर: चोपन: रामगढ़, शाहगंज के प्रतिनिधियों के मुताबिक विकास खण्ड क्षेत्र में 304 प्राथमिक एवं 104 पूर्व माध्यमिक विद्यालय है। इनमें से अधिकांश स्कूलों में बच्चों को पूरी पाठ्य पुस्तके नहीं मिली है। कक्षा एक, दो, तीन के छात्र-छात्राओं को पूरी पुस्तकें मिल गई हैं। लेकिन कक्षा चार के आठ तक के छात्र-छात्राओं को दो-तीन पुस्तकें ही मिली है। मधुपुर, रामगढ़, शाहगंज, चोपन समेत अन्य इलाकों के अधिकांश स्कूलों में बच्चों को किताबें नहीं मिली है। इससे सर्व शिक्षा अभियान के सब पढ़े, सब बढ़े की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। वहीं जिला बेसिक अधिकारी गोरखनाथ पटेल ने कहा कि जो किताबें आई थी उन्हें वितरित करा दिया गया है। शेष किताबों को मुहैया कराने के लिए संबंधित प्रकाशकों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। ताकि जल्द से जल्द बच्चों को किताबें वितरित कराई जा सके।
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