{"_id":"649daa4ee4f94081a802ad16","slug":"6500-out-of-school-students-will-get-special-training-sonbhadra-news-c-194-1-son1001-271-2023-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: आउट ऑफ स्कूल रहे 6500 छात्रों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: आउट ऑफ स्कूल रहे 6500 छात्रों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
विज्ञापन
सोनभद्र। जिले के परिषदीय स्कूलों में विभिन्न कारणों से बीच सत्र में ही स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को चालू सत्र में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना के तहत करीब 6500 बच्चों को स्कूल से जोड़ने की तैयारी है।
जिले में कुल 2061 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। पिछले सत्र में इन स्कूलों में करीब 2.68 हजार बच्चों का नामांकन किया गया था। हालांकि इन बच्चों में 6500 से अधिक बच्चे ऐसे रहे जिन्होंने दाखिला ताे लिया, मगर किसी कारण से स्कूल आने से दूरी बना ली। ये कभी स्कूल नहीं आए। अब नए सत्र में इन बच्चों को प्राथमिकता से जोड़ने की तैयारी है। नए सत्र में नामांकित कक्षा में पढ़ रहे अन्य छात्रों के स्तर तक लाने का प्रयास होगा। बीते सत्र में आउट ऑफ स्कूल रहे 6500 से अधिक बच्चों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम एक जुलाई से शुरू होगा। हालांकि स्कूल बंद होने के कारण जिले में इसे तीन जुलाई से संचालित करने की तैयारी है। आउट ऑफ स्कूल बच्चों को नौ माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अगर छात्र निर्धारित अवधि में कक्षा के अनुसार बेहतर स्तर नहीं हासिल करता है तो विशेष प्रशिक्षण की अवधि को क्रमबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। विशेष प्रशिक्षण के लिए हर स्कूल में संबंधित क्षेत्र के बीईओ की ओर से एक नोडल शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। बच्चों में हो रहे बदलाव का आकलन होगा। इसके लिए प्रशिक्षण के बीच हर तीन माह में मूल्यांकन भी होगा। इसके लिए सभी स्कूलों में इन आउट ऑफ स्कूल बच्चों का प्रारंभिक मूल्यांकन शारदा एप से 20 जुलाई तक पूर करने की तैयारी है। नोडल शिक्षक मूल्यांकन के आधार पर शिक्षण योजना तैयार करेंगे। इसमें स्पेशल एजुकेटर्स का भी सहयोग लिया जाएगा। ये हर माह 20 विद्यालयों का भ्रमण करेंगे।
विशेष पाठ्य सामग्री
जिले के परिषदीय स्कूलों में चलने वाले इस विशेष प्रशिक्षण के लिए सभी स्कूलों काे छात्र संख्या के आधार पर संघनित पाठ्य सामग्री दी जाएगी। इसके साथ ही जिले के सभी परिषदीय स्कूलों के करीब 2061 नाेडल शिक्षकों काे ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। इस दौरान अभिभावकों के साथ नियमित बैठकें भी होंगी।
विज्ञापन
अभियान के संचालन के लिए सभी बीईओ को निर्देशित कर दिया गया है। समय रहते सभी तैयारियों को पूरा कराना सुनिश्चित किया जाएगा। - हरिवंश कुरार, बीएसए।
विज्ञापन
जिले में कुल 2061 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। पिछले सत्र में इन स्कूलों में करीब 2.68 हजार बच्चों का नामांकन किया गया था। हालांकि इन बच्चों में 6500 से अधिक बच्चे ऐसे रहे जिन्होंने दाखिला ताे लिया, मगर किसी कारण से स्कूल आने से दूरी बना ली। ये कभी स्कूल नहीं आए। अब नए सत्र में इन बच्चों को प्राथमिकता से जोड़ने की तैयारी है। नए सत्र में नामांकित कक्षा में पढ़ रहे अन्य छात्रों के स्तर तक लाने का प्रयास होगा। बीते सत्र में आउट ऑफ स्कूल रहे 6500 से अधिक बच्चों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम एक जुलाई से शुरू होगा। हालांकि स्कूल बंद होने के कारण जिले में इसे तीन जुलाई से संचालित करने की तैयारी है। आउट ऑफ स्कूल बच्चों को नौ माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अगर छात्र निर्धारित अवधि में कक्षा के अनुसार बेहतर स्तर नहीं हासिल करता है तो विशेष प्रशिक्षण की अवधि को क्रमबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। विशेष प्रशिक्षण के लिए हर स्कूल में संबंधित क्षेत्र के बीईओ की ओर से एक नोडल शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। बच्चों में हो रहे बदलाव का आकलन होगा। इसके लिए प्रशिक्षण के बीच हर तीन माह में मूल्यांकन भी होगा। इसके लिए सभी स्कूलों में इन आउट ऑफ स्कूल बच्चों का प्रारंभिक मूल्यांकन शारदा एप से 20 जुलाई तक पूर करने की तैयारी है। नोडल शिक्षक मूल्यांकन के आधार पर शिक्षण योजना तैयार करेंगे। इसमें स्पेशल एजुकेटर्स का भी सहयोग लिया जाएगा। ये हर माह 20 विद्यालयों का भ्रमण करेंगे।
विज्ञापन
विशेष पाठ्य सामग्री
जिले के परिषदीय स्कूलों में चलने वाले इस विशेष प्रशिक्षण के लिए सभी स्कूलों काे छात्र संख्या के आधार पर संघनित पाठ्य सामग्री दी जाएगी। इसके साथ ही जिले के सभी परिषदीय स्कूलों के करीब 2061 नाेडल शिक्षकों काे ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। इस दौरान अभिभावकों के साथ नियमित बैठकें भी होंगी।
विज्ञापन
अभियान के संचालन के लिए सभी बीईओ को निर्देशित कर दिया गया है। समय रहते सभी तैयारियों को पूरा कराना सुनिश्चित किया जाएगा। - हरिवंश कुरार, बीएसए।