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गांव की सरकार के लिए 62 फीसदी मतदान
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Sat, 05 Dec 2015 11:51 PM IST
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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार को तीसरे चरण का पंचायत चुनाव जिले के म्योरपुर और बभनी ब्लॉक में संपन्न हो गया। दोनों ब्लॉकों में सुबह सात बजे से 140 ग्राम प्रधानों और 1566 ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 175 मतदान केंद्रों के 428 बूथों पर वोटिंग शुरू की गई।
मतदान के दौरान कई बूथों पर हल्की झड़प की घटनाएं भी हुईं। म्योरपुर आैर बभनी में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। विकास खंड म्योरपुर और बभनी का मिलाकर औसत मतदान 62 प्रतिशत रहा।
म्योरपुर थाना क्षेत्र के कुंडाडीह और किरविल गांव में फर्जी मतदान और किरविल में परिवर्धन सूची न होने पर ग्रामीणों ने हंगामा किया। वहीं बभनी ब्लॉक के चपकी मतदेय स्थल के पास जमा भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस के द्वारा भांजी गई लाठी से विवाद खड़ा हो गया।
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पुलिस के व्यवहार से नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। सुरक्षा की दृष्टि से जिले की सीमा से लगे झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के सीमाओं पर सीआरपीएफ और सिविल फोर्स तैनात रही। ताकि दूसरे प्रांत से नक्सली या अपराधी प्रवृत्ति के लोगों का जिले में प्रवेश न हो सकें। वोटिंग के दौरान डीएम जीएस प्रियदर्शी, एसपी रामलाल वर्मा सहित अन्य आलाधिकारी चक्रमण कर स्थिति पर नजर रखे थे।
प्रथम और दूसरे चरण की तुलना में तीसरे चरण में म्योरपुर और बभनी ब्लॉक के मतदाताओं ने मतदान में दिलचस्पी कम दिखाई। जबकि पुलिस प्रशासन मतदान को लेकर चौकन्ना रहा, ताकि कोई प्रत्याशी या व्यक्ति मतदाताओं को मतदान करने में व्यवधान उत्पन्न न कर सकेें।
सभी मतदेय स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। म्योरपुर ब्लॉक के 123 मतदान केंद्र, 332 बूथों पर 80 प्रधान और 1054 ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए मतदाताओं ने मतदान करना शुरू किया।
इसी तरह बभनी ब्लॉक में 52 मतदान केंद्र, 96 मतदेय स्थलों पर 40 ग्राम प्रधान और 512 ग्राम पंचायत सदस्य के लिए वोटरों ने वोटिंग शुरू की। सुबह दस बजे तक म्योरपुर ब्लॉक में मतदान का प्रतिशत काफी कम रहा, जबकि बभनी में 20 प्रतिशत से ऊपर पहुंच चुका था।
हालांकि साढ़े दस बजे के बाद दोनों ब्लॉक के मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की भीड़ उमड़नी शुरू हुई। लेकिन दोपहर एक बजे के बाद म्योरपुर के अधिकांश बूथों पर मतदाताओं की भीड़ नदारद हो गई। हालांकि ढाई बजे के बाद फिर वोटरों की संख्या निकली। सांय चार बजे तक अधिकांश मतदेय स्थलों पर मतदान समाप्त हो गया था।
हालांकि जिन बूथों पर सांय चार बजे के बाद मतदाता लाइन में खड़े हो गए थे, उनको वोट डालने दिया गया। उधर म्योरपुर थाना क्षेत्र के कुंडाडीह, गडिय़ा गांव में फर्जी मतदान करने व किरविल में परिवर्धन सूची न होने की बात को लेकर ग्रामीणों ने हंगामा किया। वहीं बभनी थाना क्षेत्र के चपकी गांव में पुलिस ने लाठी भांज कर मतदेय स्थल के पास खड़े लोगों को खदेड़ा।
हालांकि सूचना मिलने पर उक्त सभी स्थानों पर दुद्धी उपजिलाधिकारी डा. विश्राम यादव और क्षेत्राधिकारी प्रवीण यादव ने जाकर ग्रामीणों को समझाबुझा कर शांत किया। मतदान के दौरान सीडीओ महेंद्र सिंह, एडीएम रामचंद्र, अपर पुलिस अधीक्षक शंभूशरण यादव, एएसपी नक्सल रामयज्ञ यादव, पिपरी सीओ शीतांशु यादव ओबरा सीओ प्रवीण यादव आदि सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
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मतदान के दौरान कई बूथों पर हल्की झड़प की घटनाएं भी हुईं। म्योरपुर आैर बभनी में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। विकास खंड म्योरपुर और बभनी का मिलाकर औसत मतदान 62 प्रतिशत रहा।
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म्योरपुर थाना क्षेत्र के कुंडाडीह और किरविल गांव में फर्जी मतदान और किरविल में परिवर्धन सूची न होने पर ग्रामीणों ने हंगामा किया। वहीं बभनी ब्लॉक के चपकी मतदेय स्थल के पास जमा भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस के द्वारा भांजी गई लाठी से विवाद खड़ा हो गया।
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पुलिस के व्यवहार से नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। सुरक्षा की दृष्टि से जिले की सीमा से लगे झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के सीमाओं पर सीआरपीएफ और सिविल फोर्स तैनात रही। ताकि दूसरे प्रांत से नक्सली या अपराधी प्रवृत्ति के लोगों का जिले में प्रवेश न हो सकें। वोटिंग के दौरान डीएम जीएस प्रियदर्शी, एसपी रामलाल वर्मा सहित अन्य आलाधिकारी चक्रमण कर स्थिति पर नजर रखे थे।
प्रथम और दूसरे चरण की तुलना में तीसरे चरण में म्योरपुर और बभनी ब्लॉक के मतदाताओं ने मतदान में दिलचस्पी कम दिखाई। जबकि पुलिस प्रशासन मतदान को लेकर चौकन्ना रहा, ताकि कोई प्रत्याशी या व्यक्ति मतदाताओं को मतदान करने में व्यवधान उत्पन्न न कर सकेें।
सभी मतदेय स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। म्योरपुर ब्लॉक के 123 मतदान केंद्र, 332 बूथों पर 80 प्रधान और 1054 ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए मतदाताओं ने मतदान करना शुरू किया।
इसी तरह बभनी ब्लॉक में 52 मतदान केंद्र, 96 मतदेय स्थलों पर 40 ग्राम प्रधान और 512 ग्राम पंचायत सदस्य के लिए वोटरों ने वोटिंग शुरू की। सुबह दस बजे तक म्योरपुर ब्लॉक में मतदान का प्रतिशत काफी कम रहा, जबकि बभनी में 20 प्रतिशत से ऊपर पहुंच चुका था।
हालांकि साढ़े दस बजे के बाद दोनों ब्लॉक के मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की भीड़ उमड़नी शुरू हुई। लेकिन दोपहर एक बजे के बाद म्योरपुर के अधिकांश बूथों पर मतदाताओं की भीड़ नदारद हो गई। हालांकि ढाई बजे के बाद फिर वोटरों की संख्या निकली। सांय चार बजे तक अधिकांश मतदेय स्थलों पर मतदान समाप्त हो गया था।
हालांकि जिन बूथों पर सांय चार बजे के बाद मतदाता लाइन में खड़े हो गए थे, उनको वोट डालने दिया गया। उधर म्योरपुर थाना क्षेत्र के कुंडाडीह, गडिय़ा गांव में फर्जी मतदान करने व किरविल में परिवर्धन सूची न होने की बात को लेकर ग्रामीणों ने हंगामा किया। वहीं बभनी थाना क्षेत्र के चपकी गांव में पुलिस ने लाठी भांज कर मतदेय स्थल के पास खड़े लोगों को खदेड़ा।
हालांकि सूचना मिलने पर उक्त सभी स्थानों पर दुद्धी उपजिलाधिकारी डा. विश्राम यादव और क्षेत्राधिकारी प्रवीण यादव ने जाकर ग्रामीणों को समझाबुझा कर शांत किया। मतदान के दौरान सीडीओ महेंद्र सिंह, एडीएम रामचंद्र, अपर पुलिस अधीक्षक शंभूशरण यादव, एएसपी नक्सल रामयज्ञ यादव, पिपरी सीओ शीतांशु यादव ओबरा सीओ प्रवीण यादव आदि सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।