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संस्कृति, लोककला के संरक्षण पर हो रहा काम
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म्योरपुर। जनपद सोनभद्र आदिवासी बाहुल्य इलाका है, यहां जनजातियों की कला, संस्कृति एवं लोकगीत-लोकनृत्य को संरक्षित करने की जरूरत है। उनके संरक्षण से ही इनकी पहचान बनी रहेगी। इनके संरक्षण की दिशा में सरकारों में भी काम करना शुरू कर दिया है। यह बातें जनजाति एवं लोक कला संस्कृति संस्थान उत्तर प्रदेश सरकार के चेयरमैन दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री चंद्रराम ने बभनी से लौटते समय म्योरपुर में भाजपा के जिला मंत्री दीपक सिंह के आवास पर कही।
उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत उनके विभाग के अलावा संगीत नाटक एकेडमी, ललित कला एकेडमी व अयोध्या शोध संस्थान आदि आते हैं। ऐसे में इन विभागों द्वारा संस्कृति और कला संरक्षण की दिशा में कार्य किए जाते हैं। लगातार यह प्रयास रहता है कि उनके विभाग द्वारा जनजातियों की कला संस्कृति व लोकगीत लोकनृत्य आदि का संरक्षण व संवर्धन किया जाए, जिससे वह काफी दिनों तक अपनी पहचान बनाए रखें। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता की वजह से वर्तमान में कुछ कर पाना मुश्किल है लेकिन आदर्श आचार संहिता के पूर्व की तैयारी को अमलीजामा पहनाया जाएगा। कहा कि इस जनपद में आदिवासी जनजाति बाहुल्य लोगों की अधिकता है। आज संस्कृति विरासत समाप्त होने के कगार पर है, उसका संरक्षण होना आवश्यक है। इस दौरान के साथ उत्तर प्रदेश वन्यजीव बोर्ड सदस्य श्रवण कुमार, सोनाबच्चा अग्रहरि, लालता प्रसाद जायसवाल, दीपक सिंह, सुजीत सिंह, अमरकेश सिंह, रामदुलार सिंह गौड़, रघुवीर पनिका, आशीष सिंह, होरीलाल, पुष्पेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत उनके विभाग के अलावा संगीत नाटक एकेडमी, ललित कला एकेडमी व अयोध्या शोध संस्थान आदि आते हैं। ऐसे में इन विभागों द्वारा संस्कृति और कला संरक्षण की दिशा में कार्य किए जाते हैं। लगातार यह प्रयास रहता है कि उनके विभाग द्वारा जनजातियों की कला संस्कृति व लोकगीत लोकनृत्य आदि का संरक्षण व संवर्धन किया जाए, जिससे वह काफी दिनों तक अपनी पहचान बनाए रखें। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता की वजह से वर्तमान में कुछ कर पाना मुश्किल है लेकिन आदर्श आचार संहिता के पूर्व की तैयारी को अमलीजामा पहनाया जाएगा। कहा कि इस जनपद में आदिवासी जनजाति बाहुल्य लोगों की अधिकता है। आज संस्कृति विरासत समाप्त होने के कगार पर है, उसका संरक्षण होना आवश्यक है। इस दौरान के साथ उत्तर प्रदेश वन्यजीव बोर्ड सदस्य श्रवण कुमार, सोनाबच्चा अग्रहरि, लालता प्रसाद जायसवाल, दीपक सिंह, सुजीत सिंह, अमरकेश सिंह, रामदुलार सिंह गौड़, रघुवीर पनिका, आशीष सिंह, होरीलाल, पुष्पेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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