फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   ऊर्जा निगमों के एकीकरण को लेकर अभियंता संघ हुआ मुखर

ऊर्जा निगमों के एकीकरण को लेकर अभियंता संघ हुआ मुखर

Sun, 30 Jul 2017 11:46 PM IST
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:46 PM IST
विज्ञापन
ऊर्जा निगमों के एकीकरण को लेकर अभियंता संघ हुआ मुखर
सोनभद्र (ओबरा)। उप्र राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ ने अध्यक्ष पावर कार्पोरेशन एवं अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक ट्रांसमिशन कार्पोरेशन को पत्र लिखकर ऊर्जा निगमों के एकीकरण की मांग की है। अभियंता संघ के अध्यक्ष जीके मिश्रा ने कहा है कि 14 जनवरी 2000 को उप्र राज्य विद्युत परिषद का विघटन कर चार ऊर्जा निगम बनाए गए। बाद में नौ निगम बना दिए गए। सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए कहा गया था कि प्रदेश की जनता के प्रति सामाजिक दायित्व निभाते हुए ऊर्जा निगमों को व्यवसायिक तरीके से चलाया जाना असंभव होगा। महासचिव इं. राजीव सिंह ने बताया कि सुधार के नाम पर किए गए सभी प्रयोगों की यह नीति पूर्ण रूप से विफल हो चुकी है। वर्ष 2000 में विघटन के समय लगभग 60 लाख उपभोक्ता थे और एक लाख कर्मचारी। वर्तमान में 1.79 करोड़ उपभोक्ता हैं और मात्र 40 हजार कर्मचारी। क्षेत्रीय सचिव इं. अदालत वर्मा ने बताया कि निजी घरानों से महंगी बिजली खरीद कर उस पर 25 प्रतिशत से अधिक हानियों पर आउट सोर्सिंग में मिलाकर उप्र के ऊर्जा निगमों को वित्तीय तौर पर कंगाल कर दिया है। तमाम निगम बनाने से जहां एक ओर प्रशासनिक खर्चे बढ़ रहे हैं, वहीं तीनों निगमों में समन्वय की भी समस्या बढ़ती जा रही है। बताया कि नए-नए प्रयोग के नाम पर सरकारी धनराशि से बने विद्युत उत्पादन गृहों को बंद किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed