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सीएमपीएफ के विलय की नहीं अपनाई जाएगी प्रक्रिया
Updated Sun, 18 Jun 2017 10:07 PM IST
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अनपरा(सोनभद्र)। सीएमपीएफ के विलय सहित अन्य मसलों को लेकर 19 से 21 जून तक कोल उद्योग में होने वाली हड़ताल दो महीने के लिए स्थगित कर दी गई है। यह निर्णय रविवार को नई दिल्ली में कोल सचिव और ट्रेड यूनियनों के बीच हुई बैठक में अधिकांश मांगों पर सहमति बनने के बाद लिया गया। सरकार का कहना है कि सीएमपीएफ के विलय का कोई प्रस्ताव नहीं है। वहीं दसवें वेतन समझौते को दो माह में लागू कर दिया जाएगा। रविवासरीय अवकाश लाभ और ओवरटाइम लाभ भी पहले की तरह दिए जाने पर सहमति जताई गई है।
हड़ताल को लेकर दिल्ली में 16 जून को कोल सचिव से हुई बैठक के बाद रविवार को कोलकाता में केंद्रीय श्रम आयुक्त के यहां हुई त्रिपक्षीय बैठक हुई। यूनियन नेता ब्रजेंद्र कुमार राय, नाथूलाल, डीडी रामानंदन आदि के मुताबिक इस दौरान तय हुआ कि सीएमईएफ का ईपीएफ में विलय नहीं किया जाएगा। दो महीने में दसवें वेतन समझौते को लागू कर दिया जाएगा। ठेका मजदूरों से संबंधित मांग पर जेसीसीसीआई की बैठक में प्रमुखता से विचार किया जाएगा। पेंशन फंड को मजबूती देने का प्रस्ताव भी जेबीसीसीआई के एजेंडे में शामिल होगा। पेंशन फंड में होने वाली कटौती में पूर्व की तरह पचास फीसद कर्मियों के वेतन से और पचास फीसद की अदायगी प्रबंधन करेगा। कई कोयला खदानों के बंदी की चल रही प्रक्रिया भी फिलहाल बंद रखी जाएगी। अब इस पर कोई भी निर्णय जेबीसीसीआई की बैठक में चर्चा करने के बाद ही लिया जाएगा। इसी तरह अन्य मसलों पर भी यूनियन के साथ बैठक और उनकी सहमति के बाद ही कार्यवाही होगी। उधर, इंटक के आदित्य मिश्रा, एचएमएस के अशोक पांडेय, सीटिया के बीके पटेल, जितेंद्र वर्मा, प्रशांत सिंह, राजेश पटेल आदि ने इसे मजदूरों की एकता का परिणाम बताया। कहा कि कामगारों के हक में आगे भी मजबूती से आवाज उठती रहेगी।
हड़ताल को लेकर दिल्ली में 16 जून को कोल सचिव से हुई बैठक के बाद रविवार को कोलकाता में केंद्रीय श्रम आयुक्त के यहां हुई त्रिपक्षीय बैठक हुई। यूनियन नेता ब्रजेंद्र कुमार राय, नाथूलाल, डीडी रामानंदन आदि के मुताबिक इस दौरान तय हुआ कि सीएमईएफ का ईपीएफ में विलय नहीं किया जाएगा। दो महीने में दसवें वेतन समझौते को लागू कर दिया जाएगा। ठेका मजदूरों से संबंधित मांग पर जेसीसीसीआई की बैठक में प्रमुखता से विचार किया जाएगा। पेंशन फंड को मजबूती देने का प्रस्ताव भी जेबीसीसीआई के एजेंडे में शामिल होगा। पेंशन फंड में होने वाली कटौती में पूर्व की तरह पचास फीसद कर्मियों के वेतन से और पचास फीसद की अदायगी प्रबंधन करेगा। कई कोयला खदानों के बंदी की चल रही प्रक्रिया भी फिलहाल बंद रखी जाएगी। अब इस पर कोई भी निर्णय जेबीसीसीआई की बैठक में चर्चा करने के बाद ही लिया जाएगा। इसी तरह अन्य मसलों पर भी यूनियन के साथ बैठक और उनकी सहमति के बाद ही कार्यवाही होगी। उधर, इंटक के आदित्य मिश्रा, एचएमएस के अशोक पांडेय, सीटिया के बीके पटेल, जितेंद्र वर्मा, प्रशांत सिंह, राजेश पटेल आदि ने इसे मजदूरों की एकता का परिणाम बताया। कहा कि कामगारों के हक में आगे भी मजबूती से आवाज उठती रहेगी।
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