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नारद मोह के साथ अनपरा गांव में रामलीला मंचन शुरू
Updated Wed, 07 Nov 2018 08:36 PM IST
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अनपरा। अनपरा गांव व्यंकट मोड़ स्थित शिव मंदिर प्रांगण में मंगलवार की रात्रि रामलीला मंचन का शुभारंभ नारद मोह के लीला के साथ किया गया।
रामलीला मंचन का शुभारंभ समाजिक कार्यकर्ता आर डी सिंह ने फीता काटकर व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि रामलीला हमारी भारतीय संस्कृति की धरोहर है। रामलीला से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। प्रभु श्री राम का जीवन संर्घषों भरा रहा परन्तु उन्होंने कभी परिस्थितियों से हार नहीं माना। माता-पिता के आदेशों का पालन करने के लिए उन्होंने राजपाट को त्याग कर 14 वर्षों तक वनवास काटा। वनवास से जब वह आये तो वह मर्यादा पुरुषोत्तम राम कहलाये। रामलीला का इतिहास वर्षों पुराना है। सचेंडी के राजा ने शुरू की थी रामलीला की परम्परा तब से आज तक रामलीला का मंचन बदस्तुर जारी है। तत्पश्चात रामलीला के कलाकारों ने बेहद ही रोमांचक ढग़ से नारद मोह की लीला का मंचन किया गया। इस अवसर पर इन्द्रजीत सिंह, श्याम मिलन बैसवार,वीरेन्द्र सिंह, अमित सिंह सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।
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रामलीला मंचन का शुभारंभ समाजिक कार्यकर्ता आर डी सिंह ने फीता काटकर व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि रामलीला हमारी भारतीय संस्कृति की धरोहर है। रामलीला से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। प्रभु श्री राम का जीवन संर्घषों भरा रहा परन्तु उन्होंने कभी परिस्थितियों से हार नहीं माना। माता-पिता के आदेशों का पालन करने के लिए उन्होंने राजपाट को त्याग कर 14 वर्षों तक वनवास काटा। वनवास से जब वह आये तो वह मर्यादा पुरुषोत्तम राम कहलाये। रामलीला का इतिहास वर्षों पुराना है। सचेंडी के राजा ने शुरू की थी रामलीला की परम्परा तब से आज तक रामलीला का मंचन बदस्तुर जारी है। तत्पश्चात रामलीला के कलाकारों ने बेहद ही रोमांचक ढग़ से नारद मोह की लीला का मंचन किया गया। इस अवसर पर इन्द्रजीत सिंह, श्याम मिलन बैसवार,वीरेन्द्र सिंह, अमित सिंह सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।