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Sonebhadra News: किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद
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कोन थाना क्षेत्र में साढ़े चार वर्ष पहले किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने दोषी को 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। सोमवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर उसे एक साल और सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, कोन थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 30 दिसंबर 2018 को तहरीर में बताया था कि 29 दिसंबर को वह अपनी पत्नी के साथ रिश्तेदारी में झारखंड गया था। घर पर उसकी बेटी (13) अपनी दूसरी बहन और भाई के साथ मौजूद थी। शाम करीब पांच बजे बेटी को रवींद्र कुमार निवासी रोरवा टोला पुरान पानी, थाना कोन बहला-फुसलाकर खेत में ले गया और दुष्कर्म किया। घर आने पर बेटी ने घटना की जानकारी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर छानबीन शुरू की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी करार देते हुए रवींद्र कुमार को 20 वर्ष कैद और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर उसे एक साल और सजा काटने की बात बताई गई।
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वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि 50 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी। कोर्ट ने पर्याप्त धनराशि न होने की दशा में पीड़िता को प्रतिकार दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र से सिफारिश की है। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरि एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक, कोन थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 30 दिसंबर 2018 को तहरीर में बताया था कि 29 दिसंबर को वह अपनी पत्नी के साथ रिश्तेदारी में झारखंड गया था। घर पर उसकी बेटी (13) अपनी दूसरी बहन और भाई के साथ मौजूद थी। शाम करीब पांच बजे बेटी को रवींद्र कुमार निवासी रोरवा टोला पुरान पानी, थाना कोन बहला-फुसलाकर खेत में ले गया और दुष्कर्म किया। घर आने पर बेटी ने घटना की जानकारी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर छानबीन शुरू की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
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मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी करार देते हुए रवींद्र कुमार को 20 वर्ष कैद और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर उसे एक साल और सजा काटने की बात बताई गई।
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वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि 50 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी। कोर्ट ने पर्याप्त धनराशि न होने की दशा में पीड़िता को प्रतिकार दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र से सिफारिश की है। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरि एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।