{"_id":"5af090fe4f1c1b3c0a8b889e","slug":"191525715198-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नकदी की कमी से बिगड़ रहा माहौल, आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नकदी की कमी से बिगड़ रहा माहौल, आक्रोश
Updated Tue, 08 May 2018 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनपरा । उर्जांचल के एटीएम कंगाल हो गए है। बैंकों से भी नकदी कम ही मिल रही है। इससे हर दिन बैंकों के कर्मियों व उपभोक्ताओं में कहासुनी हो रही है। जिससे माहौल बिगड़ता जा रहा और लोग भड़क जा रहे हैं।
अनपरा, शक्तिनगर व बीना क्षेत्र में एटीएम की तादाद करीब डेढ़ दर्जन है। एनसीएल, एनटीपीसी की परियोजनाओं के अलावा यहां बड़े कारोबारियों की संख्या भी लंबी है। उर्जांचल में हर दिन करोड़ों रुपये का लेनदेन होता है, लेकिन नकदी की कमी यहां भी लोगों को हलकान कर दे रही है। एटीएम खाली है। कभी कभार एकाध एटीएम में कुछ हजार डालकर उपभोक्ताओं को संतुष्ट कर दिया जा रहा। लगन तेज है। किसी को बेटी की शादी करनी है तो किसी को रिश्तेदारों के यहां शादी में जाना है। ऐसे अहम कार्य के दौरान भी उपभोक्ता बैंकों में जमा अपनी खून पसीने की कमाई नहीं निकाल पा रहा। हालत इस कदर बदत्तर हो गई है कि बैंकों से एक उपभोक्ता को एक दिन में महज दो हजार रुपये ही दिए जा रहे है। जिसकी वजह से परेशानी बढ़ती जा रही है।
दो हजार में एक हजार का सिक्का
एक तो नकदी कम दी जा रही, इस पर सिक्का देकर उपभोक्ताओं को हलकान कर दिया जा रहा है। अनपरा निवासी राधेश्याम लाल ने बताया कि दो दिन पूर्व में अनपरा के एक बैंक शाखा में रुपये निकालने गए। उन्हें 10 हजार की जरूरत थी लेकिन महज दो हजार रुपये ही दिया गया। दो हजार रुपये में एक हजार का सिक्का थमा दिया गया जबकि एक हजार रुपये 10-10 रुपये की नोट के रूप में दिया गया।
विज्ञापन
बोल प्रबंधक...
भारतीय स्टेट बैंक शाखा बीना के प्रबंधक सुशील कुमार ने कहा कि नकदी की कमी है, बावजूद जिनको बहुत जरूरी है, नकदी मुहैया कराई जा रही है। नकदी की कमी के कारण ही एटीएम में रुपये नहीं डाला जा रहा है।
विज्ञापन
अनपरा, शक्तिनगर व बीना क्षेत्र में एटीएम की तादाद करीब डेढ़ दर्जन है। एनसीएल, एनटीपीसी की परियोजनाओं के अलावा यहां बड़े कारोबारियों की संख्या भी लंबी है। उर्जांचल में हर दिन करोड़ों रुपये का लेनदेन होता है, लेकिन नकदी की कमी यहां भी लोगों को हलकान कर दे रही है। एटीएम खाली है। कभी कभार एकाध एटीएम में कुछ हजार डालकर उपभोक्ताओं को संतुष्ट कर दिया जा रहा। लगन तेज है। किसी को बेटी की शादी करनी है तो किसी को रिश्तेदारों के यहां शादी में जाना है। ऐसे अहम कार्य के दौरान भी उपभोक्ता बैंकों में जमा अपनी खून पसीने की कमाई नहीं निकाल पा रहा। हालत इस कदर बदत्तर हो गई है कि बैंकों से एक उपभोक्ता को एक दिन में महज दो हजार रुपये ही दिए जा रहे है। जिसकी वजह से परेशानी बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
दो हजार में एक हजार का सिक्का
एक तो नकदी कम दी जा रही, इस पर सिक्का देकर उपभोक्ताओं को हलकान कर दिया जा रहा है। अनपरा निवासी राधेश्याम लाल ने बताया कि दो दिन पूर्व में अनपरा के एक बैंक शाखा में रुपये निकालने गए। उन्हें 10 हजार की जरूरत थी लेकिन महज दो हजार रुपये ही दिया गया। दो हजार रुपये में एक हजार का सिक्का थमा दिया गया जबकि एक हजार रुपये 10-10 रुपये की नोट के रूप में दिया गया।
विज्ञापन
बोल प्रबंधक...
भारतीय स्टेट बैंक शाखा बीना के प्रबंधक सुशील कुमार ने कहा कि नकदी की कमी है, बावजूद जिनको बहुत जरूरी है, नकदी मुहैया कराई जा रही है। नकदी की कमी के कारण ही एटीएम में रुपये नहीं डाला जा रहा है।