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टरबाइन में कंपन्न से आ सकती है खराबी
Updated Thu, 15 Mar 2018 11:32 PM IST
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सोनभद्र (अनपरा)। अनपरा डी की सातवीं इकाई के रोटर की मरम्मत कर भले ही उत्पादन शुरू हो गया लेकिन टरबाइन मे कंपन्न से अफसरों की नींद उड़ी हुई है । परियोजना का निर्माण करने वाली भेल कंपनी के अधिकारियों ने कंपन्न दूर कर उत्पादन शुरू करने की सलाह दी है, बावजूद इसके इस यूनिट से उत्पादन जारी है।
तापीय परियोजना अनपरा डी की एक हजार मेगावाट की राख बांध पर बनी विद्युत उत्पादन इकाई की राह आसान नहीं हो रही है। तकनीकी कारणों से बंद 500 मेगावाट की अनपरा डी परियोजना की सातवीं इकाई विगत छह माह के लंबे अंतराल के बाद 26 फरवरी को उत्पादनरत तो हुई लेकिन टरबाइन में कंपन से अफसरों की नींद उड़ी हुई है। हालांकि इस दोनों इकाई का जिम्मा संभाल रहे भेल कंपनी के अधिकारियों ने सातवीं इकाई को फिलहाल बंद कर जांच किए जाने की रिपोर्ट दी है, लेकिन उत्पादन निगम बिजली का उत्पादन कर रहा है। बता दें कि बीएचईएल दिल्ली व हरिद्वार से आई तीन सदस्यीय टीम कंपन के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। राहत की बात है कि कंपन के बाद भी इकाई से उत्पादन जारी है लेकिन समस्या अभी भी जस की तस बनी हुई है। छह माह बाद उत्पादनरत होने के बावजूद भी सातवीं इकाई की समस्याएं समाप्त नहीं हुई है। जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि कहीं फिर से इकाई को बंद न करना पड़े। सातवीं इकाई की मानिटरिंग प्रदेश की राजधानी लखनऊ से की जा रही है। ऐसे में इस इकाई पर सबकी नजर बनी हुई है। बीएचईएल अनपरा के निर्माण प्रबंधक सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि टीम लगातार कंपन के कारणों को पता करने का प्रयास कर रही है। समस्या का पता होते ही इसे जल्द दुरुस्त करने का प्रयास किया जाएगा। इस बीच किसी तरह का बड़ी खराबी न हो उत्पादन निगम से उसे बंद रखने की अपील की गई है।
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तापीय परियोजना अनपरा डी की एक हजार मेगावाट की राख बांध पर बनी विद्युत उत्पादन इकाई की राह आसान नहीं हो रही है। तकनीकी कारणों से बंद 500 मेगावाट की अनपरा डी परियोजना की सातवीं इकाई विगत छह माह के लंबे अंतराल के बाद 26 फरवरी को उत्पादनरत तो हुई लेकिन टरबाइन में कंपन से अफसरों की नींद उड़ी हुई है। हालांकि इस दोनों इकाई का जिम्मा संभाल रहे भेल कंपनी के अधिकारियों ने सातवीं इकाई को फिलहाल बंद कर जांच किए जाने की रिपोर्ट दी है, लेकिन उत्पादन निगम बिजली का उत्पादन कर रहा है। बता दें कि बीएचईएल दिल्ली व हरिद्वार से आई तीन सदस्यीय टीम कंपन के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। राहत की बात है कि कंपन के बाद भी इकाई से उत्पादन जारी है लेकिन समस्या अभी भी जस की तस बनी हुई है। छह माह बाद उत्पादनरत होने के बावजूद भी सातवीं इकाई की समस्याएं समाप्त नहीं हुई है। जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि कहीं फिर से इकाई को बंद न करना पड़े। सातवीं इकाई की मानिटरिंग प्रदेश की राजधानी लखनऊ से की जा रही है। ऐसे में इस इकाई पर सबकी नजर बनी हुई है। बीएचईएल अनपरा के निर्माण प्रबंधक सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि टीम लगातार कंपन के कारणों को पता करने का प्रयास कर रही है। समस्या का पता होते ही इसे जल्द दुरुस्त करने का प्रयास किया जाएगा। इस बीच किसी तरह का बड़ी खराबी न हो उत्पादन निगम से उसे बंद रखने की अपील की गई है।
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