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अब निर्बाध रूप से सिंचाई के लिए मिलेगा पानी
Updated Tue, 06 Mar 2018 11:32 PM IST
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सोनभद्र। सोन पंप परियोजना से अब किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध रूप से पानी मिलेगा। बिजली विभाग ने पानी की आपूर्ति में आड़े आ रही बिजली की समस्या का निदान कर दिया है। परियोजना मेें लगे बिजली के जर्जर पैनल को बदल दिया गया है, ताकि किसी तरह की फाल्ट न हो। इस परियोजना से चार ब्लॉकों के करीब दो लाख किसान लाभान्वित होते हैं।
चार मार्च 1989 को मिर्जापुर से कट कर सोनभद्र जिला बना। छह जनवरी 1974 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राबटर्सगंज, चतरा, नगवां और मड़िहान ब्लॉक क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए सोन पंप परियोजना का लोकार्पण किया था। इस परियोजना से सैकड़ों गांवों के किसान लाभान्वित होते हैं, लेकिन पिछले एक दशक से सोन पंप परियोजना में पानी आपूर्ति करने के लिए लगा विद्युत पैनल जर्जर हो चुका था। इस नाते सिंचाई के लिए निर्बाध रूप से परियोजना से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। जरूरत के अनुसार टेल तक पानी न पहुंचने से सैकड़ों हेक्टेयर खेतों की फसलें सूख जा रही थी। हालांकि अब बिजली विभाग ने किसानों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए परियोजना की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया है। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता राजेंद्र पटेल ने बताया कि परियोजना के जर्जर हो चुके पैनल को बदल दिया गया है। पैनल बदलने के लिए 21 फरवरी से 24 फरवरी तक शट डाउन लिया गया था। सोमवार से स्टेज प्रथम के दो पंप और स्टेज दो के एक पंप से पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्टेज तीन और चार के पंपों से पानी आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। कहा कि अब परियोजना से पेयजलापूर्ति करने में बिजली की समस्या नहीं होगी।
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चार मार्च 1989 को मिर्जापुर से कट कर सोनभद्र जिला बना। छह जनवरी 1974 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राबटर्सगंज, चतरा, नगवां और मड़िहान ब्लॉक क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए सोन पंप परियोजना का लोकार्पण किया था। इस परियोजना से सैकड़ों गांवों के किसान लाभान्वित होते हैं, लेकिन पिछले एक दशक से सोन पंप परियोजना में पानी आपूर्ति करने के लिए लगा विद्युत पैनल जर्जर हो चुका था। इस नाते सिंचाई के लिए निर्बाध रूप से परियोजना से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। जरूरत के अनुसार टेल तक पानी न पहुंचने से सैकड़ों हेक्टेयर खेतों की फसलें सूख जा रही थी। हालांकि अब बिजली विभाग ने किसानों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए परियोजना की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया है। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता राजेंद्र पटेल ने बताया कि परियोजना के जर्जर हो चुके पैनल को बदल दिया गया है। पैनल बदलने के लिए 21 फरवरी से 24 फरवरी तक शट डाउन लिया गया था। सोमवार से स्टेज प्रथम के दो पंप और स्टेज दो के एक पंप से पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्टेज तीन और चार के पंपों से पानी आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। कहा कि अब परियोजना से पेयजलापूर्ति करने में बिजली की समस्या नहीं होगी।
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