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ग्रामीण इलाकों में एक सप्ताह से ठप है बीएसएनएल सेवा
Updated Mon, 10 Jul 2017 10:03 PM IST
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सोनभद्र। यूपी के अति नक्सल प्रभावित सोनभद्र के नक्सल इलाकों में बीएसएनएल के 30 टावर से नेटवर्क गायब हो गया है। पिछले आठ माह से मानदेय न मिलने से इन टावरों पर कार्यरत संविदाकर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। एक सप्ताह से बीएसएनएल सेवा ठप पड़ा है। नेटवर्क सेवा प्रभावित होने के बावजूद विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे हैं। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है। नक्सल क्षेत्रों में सूचनाओं का आदान-प्रदान ठप पड़ा है।
जिला अत्यन्त नक्सल प्रभावित है। पूर्व में नक्सली यहां कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। नक्सल क्षेत्रों में मोबाइल सेवा न होने के नाते सूचनाओं का आदान-प्रदान सही समय से नहीं हो पाता था जिसका सीधा लाभ नक्सलियों को मिलता था। पुलिस और जिला प्रशासन ने इस समस्या को देखते हुए ऐसे इलाकों में बीएसएनएल का टावर लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था जिसे स्वीकृति प्रदान करते हुए यहां टावर लगे। इससे क्षेत्रीय लोगों को भी फायदा हुआ और बीएसएनएल का अच्छा नेटवर्क मिलने लगा। लेकिन पिछले आठ दिन से इन टावरों से नेटवर्क ठप हो गया है। पता चला है कि टावरों को संचालित करने वाले ठेकेदारों के कर्मचारियों को आठ माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे नाराज कर्मियों ने टावर संचालन ठप कर दिया है। इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्र कजियारी, मांची, सरईगढ़, खिरिहिटा, पनौली, शाहगंज, कोहरथा, रूओज, जयमोहनी, डोमारिया, तरावां, खरूआंव समेत करीब तीस टावर के नेटवर्क बंद पड़े हैं। बीएसएनएल के मिर्जापुर सोनभद्र क्षेत्र के डीटीए डीके उपाध्याय कहते हैं कि ठेकेदारों के कर्मचारियों ने मानदेय भुगतान न होने के नाते टावर संचालन ठप कर दिया है। वे इस मामले को दिखवा रहे हैं। एसडीओ धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि करीब 30 टावर बंद हैं। उधर भाजपा नेता माला चौबे ने सरकार के वेबसाइट पर सोमवार को इसकी शिकायत की है। उपभोक्ता राम निहोर शर्मा, अजय मिश्रा, डॉ. पारस सिंह, अनिता देवी, सुनील कुमार ने कहा कि विभाग के अधिकारी बेलगाम और गैर जिम्मेदार हो गए हैं जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
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जिला अत्यन्त नक्सल प्रभावित है। पूर्व में नक्सली यहां कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। नक्सल क्षेत्रों में मोबाइल सेवा न होने के नाते सूचनाओं का आदान-प्रदान सही समय से नहीं हो पाता था जिसका सीधा लाभ नक्सलियों को मिलता था। पुलिस और जिला प्रशासन ने इस समस्या को देखते हुए ऐसे इलाकों में बीएसएनएल का टावर लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था जिसे स्वीकृति प्रदान करते हुए यहां टावर लगे। इससे क्षेत्रीय लोगों को भी फायदा हुआ और बीएसएनएल का अच्छा नेटवर्क मिलने लगा। लेकिन पिछले आठ दिन से इन टावरों से नेटवर्क ठप हो गया है। पता चला है कि टावरों को संचालित करने वाले ठेकेदारों के कर्मचारियों को आठ माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे नाराज कर्मियों ने टावर संचालन ठप कर दिया है। इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्र कजियारी, मांची, सरईगढ़, खिरिहिटा, पनौली, शाहगंज, कोहरथा, रूओज, जयमोहनी, डोमारिया, तरावां, खरूआंव समेत करीब तीस टावर के नेटवर्क बंद पड़े हैं। बीएसएनएल के मिर्जापुर सोनभद्र क्षेत्र के डीटीए डीके उपाध्याय कहते हैं कि ठेकेदारों के कर्मचारियों ने मानदेय भुगतान न होने के नाते टावर संचालन ठप कर दिया है। वे इस मामले को दिखवा रहे हैं। एसडीओ धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि करीब 30 टावर बंद हैं। उधर भाजपा नेता माला चौबे ने सरकार के वेबसाइट पर सोमवार को इसकी शिकायत की है। उपभोक्ता राम निहोर शर्मा, अजय मिश्रा, डॉ. पारस सिंह, अनिता देवी, सुनील कुमार ने कहा कि विभाग के अधिकारी बेलगाम और गैर जिम्मेदार हो गए हैं जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
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