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कुपोषण से बचाव, पोषक तत्वों की दी जानकारी
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:12 AM IST
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म्योरपुर। राज्य पोषण मिशन के तत्वाधान में शबरी संकल्प अभियान के तहत ब्लॉक सभागार में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सोमवार को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें शबरी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और प्रशिक्षणार्थियों को उनकी भूमिका के बारे में बताया गया।
प्रशिक्षक सीडीपीओ बाबूलाल और नीति आयोग के पिरामल फाउंडेशन के ब्लाक कोआर्डिनेटर कौशल त्रिपाठी ने बताया कि यदि बच्चे की मां के गर्भ में आने से एक हजार दिनों तक बच्चे के पोषण पर ध्यान दे दिया जाए तो भविष्य में उन्हें अस्वस्थ होने के कारण कम प्रभावशाली होंगे। बच्चों और महिलाओं में सर्वाधिक कुपोषण को ध्यान में रखते हुए इस योजना को लागू किया गया है। अभियान के तहत ग्राम स्वास्थ्य पोषणए शिशु आहार संबंधी व्यवहार, गृह भ्रमण, शौच मुक्त गांव, स्वच्छ पेयजल, राशन कार्ड व जॉब कार्ड जैसी सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ में सभी कुपोषित बच्चों की मासिक ट्रैकिंग की जाएगी। इस कार्य योजना के जरिए कुपोषित बच्चों को पांच विभागों चिकित्सा स्वास्थ्य, ग्राम विकास, पंचायती राज, खाद्य एवं रसद द्वारा एकीकृत रूप में सेवाएं दी जाएंगी ताकि कुपोषण की रोकथाम हो सके। कार्यक्रम में विभाग की सभी सुपरवाइजर एवं बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।
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प्रशिक्षक सीडीपीओ बाबूलाल और नीति आयोग के पिरामल फाउंडेशन के ब्लाक कोआर्डिनेटर कौशल त्रिपाठी ने बताया कि यदि बच्चे की मां के गर्भ में आने से एक हजार दिनों तक बच्चे के पोषण पर ध्यान दे दिया जाए तो भविष्य में उन्हें अस्वस्थ होने के कारण कम प्रभावशाली होंगे। बच्चों और महिलाओं में सर्वाधिक कुपोषण को ध्यान में रखते हुए इस योजना को लागू किया गया है। अभियान के तहत ग्राम स्वास्थ्य पोषणए शिशु आहार संबंधी व्यवहार, गृह भ्रमण, शौच मुक्त गांव, स्वच्छ पेयजल, राशन कार्ड व जॉब कार्ड जैसी सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ में सभी कुपोषित बच्चों की मासिक ट्रैकिंग की जाएगी। इस कार्य योजना के जरिए कुपोषित बच्चों को पांच विभागों चिकित्सा स्वास्थ्य, ग्राम विकास, पंचायती राज, खाद्य एवं रसद द्वारा एकीकृत रूप में सेवाएं दी जाएंगी ताकि कुपोषण की रोकथाम हो सके। कार्यक्रम में विभाग की सभी सुपरवाइजर एवं बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।
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