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वितविहीन शिक्षकों ने दी मूल्यांकन बहिष्कार की चेतावनी
Updated Sun, 18 Feb 2018 10:08 PM IST
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सोनभद्र। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की बैठक रविवार को राबर्ट्सगंज के आदर्श इंटर कालेज में हुई। इसमें वित्त विहीन शिक्षकों को मानदेय भुगतान के लिए बजट नहीं दिये जाने पर नाराजगी जाहिर की गई। मानदेय नहीं मिलने पर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। बगैर मान्यता प्राप्त संचालित हो रहे विद्यालयों पर कोई कार्रवाई न होने से क्षुब्ध शिक्षकों ने यह मुद्दा विधान परिषद में उठाने पर चर्चा की। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुरेश प्रसाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में वित्त विहीन शिक्षकों के मानदेय, वेतन भुगतान पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों के प्रयास से ही यह सरकार सत्ता में आई और केंद्रीय नेतृत्व के साथ अनेक अवसरों पर आश्वासन दिया गया कि वित्त विहीन शिक्षकों को मानदेय के लिए बजट दिया जाएगा। लेकिन हाल में पेश हुए बजट में इसका कहीं जिक्र नहीं होने पर शिक्षकों ने नाराजगी जाहिर की। निर्णय लिया कि यदि सरकार उनकी समस्या का निराकरण नहीं करती है तो मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। शिक्षकों ने कहा कि पूर्व में जिला इकाई ने जिला विद्यालय निरीक्षक को दिये गए मांगपत्रों में बगैर मान्यता के संचालित माध्यमिक विद्यालयों की सूची दी गई थी। उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि यह मुद्दा विधान परिषद में उठाने के लिए एमएलसी चेतनारायण सिंह को प्रेषित किया जाएगा। चयन बोर्ड में चयनित शिक्षकों के आंशिक वेतन भुगतान पर भी विचार किया गया। समस्या का समाधान न होने पर संघर्ष की रूपरेखा तय करने पर चर्चा हुई। बैठक में सात बिंदुओं पर चर्चा हुई। इस दौरान पंकज पांडेय, राजेश उपाध्याय, विशाल, अजीत यादव, संतोष तिवारी, विजेंद्र पांडेय, राहुल तिवारी, शशिकांत, राजेंद्र प्रसाद मौजूद रहे।
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