{"_id":"5aecbf0a4f1c1b3a0b8b8251","slug":"111525464842-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी विद्युत उत्पादन के नहीं सुधरे हालात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन भी विद्युत उत्पादन के नहीं सुधरे हालात
Updated Sat, 05 May 2018 01:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनपरा । आंधी व पानी से विद्युत उत्पादन के बिगड़े हालात शुक्रवार को दूसरे दिन भी नहीं सुधरे । पारेषण और वितरण लाइनों में आई खराबी के कारण उत्पादन निगम को दूसरे दिन 2520 मेगावाट तक उत्पादन घटाना पड़ा । अनपरा की सभी यूनिटों के दुरुस्त होने के बावजूद यहां 2630 मेगावाट के सापेक्ष महज 1519 मेगावाट उत्पादन हो रहा।
आंधी व बरसात से कई गांवों की बिजली अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं पारेषण और वितरण लाइनों में खराबी दूर न होने से उत्पादन निगम के माथे पर चिंता की लकीर खींच गई है। उत्पादन निगम की दो इकाईयों अनपरा व ओबरा की सभी इकाईयों से गुरुवार की शाम चार बजे 1641 मेगावाट उत्पादन हो रहा था। हालांकि शुक्रवार को विद्युत उत्पादन में मामूली सुधार हुआ और इन दो परियोजनाओं से 1830 मेगावाट बिजली उत्पादन करने में सफलता हासिल हुई लेकिन उत्पादन निगम का थर्मल बैकिंग से पीछा नहीं छूटा। पारेषण व वितरण लाइनों में खराबी के कारण गुरुवार की शाम चार बजे जहां 2520 मेगावाट उत्पादन घटाना पड़ा वहीं शुक्रवार की सुबह सात बजे 2557 मेगावाट थर्मल बैकिंग (उत्पादन घटाना)जारी थी। थर्मल बैकिंग की काली छाया न हटने से उत्पादन निगम के अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीर खींच गई है। इस संबंध में अनपरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. एके सिंह ने कहा कि परियोजना की सभी यूनिटों से उत्पादन हो रहा लेकिन पारेषण लाइनों में खराबी के चलते निगम के निर्देश पर उत्पादन घटाना पड़ा है।
विज्ञापन
आंधी व बरसात से कई गांवों की बिजली अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं पारेषण और वितरण लाइनों में खराबी दूर न होने से उत्पादन निगम के माथे पर चिंता की लकीर खींच गई है। उत्पादन निगम की दो इकाईयों अनपरा व ओबरा की सभी इकाईयों से गुरुवार की शाम चार बजे 1641 मेगावाट उत्पादन हो रहा था। हालांकि शुक्रवार को विद्युत उत्पादन में मामूली सुधार हुआ और इन दो परियोजनाओं से 1830 मेगावाट बिजली उत्पादन करने में सफलता हासिल हुई लेकिन उत्पादन निगम का थर्मल बैकिंग से पीछा नहीं छूटा। पारेषण व वितरण लाइनों में खराबी के कारण गुरुवार की शाम चार बजे जहां 2520 मेगावाट उत्पादन घटाना पड़ा वहीं शुक्रवार की सुबह सात बजे 2557 मेगावाट थर्मल बैकिंग (उत्पादन घटाना)जारी थी। थर्मल बैकिंग की काली छाया न हटने से उत्पादन निगम के अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीर खींच गई है। इस संबंध में अनपरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. एके सिंह ने कहा कि परियोजना की सभी यूनिटों से उत्पादन हो रहा लेकिन पारेषण लाइनों में खराबी के चलते निगम के निर्देश पर उत्पादन घटाना पड़ा है।
विज्ञापन