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खुला मवेशियों से हो रही दुर्घटनाएं, प्रशासन मौन
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:04 AM IST
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सोनभद्र। शहर की सड़कों पर छुट्टा घूमने वाले जानवरों, पालतू मवेशियों और कुत्तों के साथ-साथ कुछेक मोहल्लों में उत्पात मचाने वाले बंदरों से लोगों का जीना दूभर हो गया है। कभी-कभार मवेशियों की चपेट में आकर लोग चुटहिल हो जाते हैं। राबर्ट्सगंज नगर के आसपास के गांवों के फसलों को मवेशी बर्बाद कर दे रहे हैं। इस पर रोक लगाने के लिए पूर्व में कई लोग जिला प्रशासन को मांगपत्रदे चुके है, फिर भी अंकुश नहीं लगा।
जिले की इकलौती नगर पालिका राबर्ट्सगंज एवं नगर पंचायत चुर्क-गुर्मा ओबरा, घोरावल, चोपन, रेणुकूट, पिपरी और दुद्धी में छुट्टा घूमने वाले कुत्तों, बकरे, गाय, बैल, पालतू मवेशी अक्सर दो-चार पहिया वाहनों के सामने आ जाते है। इससे कभी-कभार दुर्घटनाएं भी होती है। राबर्ट्सगंज के बढ़ौली चौक, नवीन सब्जी मंडी, मेन चौक, धर्मशाला, कचहरी, सिविल लाइंस रोड पर छुट्टा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। पिछले माह नवीन मंडी के पास छुट्टा पशुओं ने एक बाइक सवार युवक को धक्का दे दिया था जिससे वह घायल हो गया । इसी तरह आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती है। इसके साथ साथ पुसौली, बढ़ौली, कम्हारी, बरकरा, मानपुर, बभनौली, तियरा, पकरी, सजौर, मझिगांव, मेहुड़ी समेत अन्य गांवों में छ्ट्टा मवेशी धान समेत अन्य फसलों को रौंद कर बर्बाद कर दे रहे हैं। यह हाल अन्य नगरों का है। ओबरा के कई कालोनियों में बंदरों का झुंड भी भ्रमण करता रहता है। रहवासियों को हमेशा भय बना रहता है कि बंदर उनके ऊपर हमला न कर दें। इससे लोगों को निजात दिलाने के लिए नगर पंचायत प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं किया जा रहा है। जिले में छुट्टा मवेशियों को रखने के लिए एक भी हाता नहीं है। एडीएम उमाकांत त्रिपाठी ने कहा कि नपा और नपं ईओ को सफाई कर्मियों के माध्यम से मवेशियों को जंगली इलाकों में भेजने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। कहा कि हाता खोलने का प्रयास जारी है।
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जिले की इकलौती नगर पालिका राबर्ट्सगंज एवं नगर पंचायत चुर्क-गुर्मा ओबरा, घोरावल, चोपन, रेणुकूट, पिपरी और दुद्धी में छुट्टा घूमने वाले कुत्तों, बकरे, गाय, बैल, पालतू मवेशी अक्सर दो-चार पहिया वाहनों के सामने आ जाते है। इससे कभी-कभार दुर्घटनाएं भी होती है। राबर्ट्सगंज के बढ़ौली चौक, नवीन सब्जी मंडी, मेन चौक, धर्मशाला, कचहरी, सिविल लाइंस रोड पर छुट्टा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। पिछले माह नवीन मंडी के पास छुट्टा पशुओं ने एक बाइक सवार युवक को धक्का दे दिया था जिससे वह घायल हो गया । इसी तरह आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती है। इसके साथ साथ पुसौली, बढ़ौली, कम्हारी, बरकरा, मानपुर, बभनौली, तियरा, पकरी, सजौर, मझिगांव, मेहुड़ी समेत अन्य गांवों में छ्ट्टा मवेशी धान समेत अन्य फसलों को रौंद कर बर्बाद कर दे रहे हैं। यह हाल अन्य नगरों का है। ओबरा के कई कालोनियों में बंदरों का झुंड भी भ्रमण करता रहता है। रहवासियों को हमेशा भय बना रहता है कि बंदर उनके ऊपर हमला न कर दें। इससे लोगों को निजात दिलाने के लिए नगर पंचायत प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं किया जा रहा है। जिले में छुट्टा मवेशियों को रखने के लिए एक भी हाता नहीं है। एडीएम उमाकांत त्रिपाठी ने कहा कि नपा और नपं ईओ को सफाई कर्मियों के माध्यम से मवेशियों को जंगली इलाकों में भेजने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। कहा कि हाता खोलने का प्रयास जारी है।
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