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बिना अनुमति शहर में लग रहे ठेले

Thu, 09 Jul 2020 10:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2020 10:54 PM IST
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without permission
सीतापुर। अनलॉक-2 में शहर में ठेले व खोमचे वाले कोरोना संक्रमण फैलाने का वाहक बनते जा रहे हैं। प्रशासन की लापरवाही के कारण इन ठेलों पर कोविड-19 के प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ रहीं हैं। ये ठेले बिना अनुमति के शहर के विभिन्न स्थानों पर लग रहे है। इन ठेलों पर सुबह होते ही भीड़भाड़ उमड़ने लगती है। इसके बाद जमकर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जाती है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बनता जा रहा है।
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जिम्मेदार अफसर इन पर मेहरबान है। कोरोना वायरस के कारण 25 मार्च से लॉकडाउन शुरू हुआ था। अनलॉक-1 बीतने के बाद अब अनलॉक-2 शुरू हो गया है। प्रशासन ने कोरोना के खतरे को देखते हुए जिले में किसी भी ठेले व खोमचे वाले को पूड़ी-सब्जी, चाय, टिक्की, बताशा बेचने की अनुमति नहीं दी है। पर ये लोग ठेले लगा रहे है। ये लोग कोरोना को लेकर कोई सजगता नहीं दिखा रहे है। ठेलों पर न तो सैनिटाइजर है न ही वहां कोई मॉस्क लगाता है। यहां पर आने वाले ग्राहक एक-दूसरे के पास बैठाकर आराम से पूड़ी व चाय का मजा लेते है।
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जिला अस्पताल, चित्रा टॉकीज, महिला अस्पताल, चुंगी चौकी, लोहारबाग, लाल कपड़ा कोठी सहित तमाम स्थानों पर यह ठेले लगाए जा रहे है। इन पर कार्रवाई करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, पुलिस व नगर पालिका की जिम्मेदारी है। लेकिन ये विभाग बेपरवाह है।
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चित्रा टाकीज के पास एक प्राइवेट बस स्टैंड है। इस बस स्टैंड में ही पूड़ी-सब्जी के ठेले लगाए जा रहे है। यह ठेले वाले न तो मॉस्क लगाते है, न ही सैनिटाइज की कोई व्यवस्था कर रखी है। यह बेधड़क सड़क के किनारे कारोबार कर रहे है। इन पर न तो नजर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की पड़ रही है, न ही पुलिस व नगर पालिका की। जबकि बस स्टैंड होने से तमाम लोग दूरदराज से सीतापुर से आते है। वह एक साथ बैठकर पूड़ी-सब्जी खाते है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।

जिला महिला अस्पताल के सामने कई ठेले वाले चाय सहित अन्य खाद्य सामग्री बेच रहे है। इन ठेलों को सार्वजनिक स्थान पर लगाने प्रतिबंध है। जबकि महिला अस्पताल होने से रोजाना तमाम लोग मरीज को लेकर अस्पताल आते है। इससे वह यही पर खड़े होकर चाय पीते है। यह ठेले वाले कोरोना को लेकर कोई बचाव नहीं कर रहे है। अफसर दिनभर यहीं से होकर गुजरते है लेकिन वे इसकी अनदेखी कर निकल जाते है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
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