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बिना बिजली कनेक्शन के गांवों में लग रहीं स्ट्रीट लाइटें

Fri, 31 Jan 2020 11:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2020 11:27 PM IST
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without connection street light
सीतापुर। जिले में स्ट्रीट लाइट स्थापित करने में घोटाले की आशंका है। बिना बिजली कनेक्शन के गांवों में स्ट्रीट लाइट लगवाई गईं हैं। जिसमें दो करोड़ रुपए से ज्यादा की धनराशि खर्च की जा चुकी है। धनराशि दुरुपयोग की शिकायतों पर शासन ने जिलाधिकारी से जांच करवाने को कहा है। जिसके बाद दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।
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निदेशक पंचायतीराज ने ग्रामीण क्षेत्रों में लगाई जा रही स्ट्रीट और सोलर लाइटों में हो रही अनियमितता की जांच के निर्देश जिलाधिकारी को दी जा रही है। शासनादेश के मुताबिक ग्रामपंचायतों द्वारा सोलर लाइट केवल यूपीनेडा या नेडा द्वारा अधिकृत एजेंसी से ही क्रय की जाएगी। उसकी गुणवत्ता एवं मानक नेडा द्वारा निर्धारित हैं।
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निदेशालय का स्पष्ट आदेश है कि किसी ग्राम पंचायत में नेडा या यूपीनेडा द्वारा अधिकृत एजेंसी से इतर कोई सामग्री खरीदी गई और उसकी गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं मिली तो संबंधित ग्राम पंचायत सचिव व ग्रामप्रधान इसके जिम्मेदार होंगे। निदेशालय एवं शासन स्तर पर जनपदों से इस संबंध में शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि ग्रामपंचायतों द्वारा आवंटित धनराशि का अधिकांश व्यय स्ट्रीट लाइट एवं सोलर लाइटों की स्थापना में किया जा रहा है।
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निदेशक ने जांच के बिंदु तय करते हुए कहा है कि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता मिली तो दोषी सचिव एवं प्रधान के विरुद्ध अनुशासनात्मक वैधानिक कार्रवाई करते हुए निदेशालय को सूचित करना है।
जांच के आठ बिंदु तय कर दिए गए हैं, जिससे घपला करने वाले जिम्मेदार बच न सकें। क्या ग्राम पंचायत द्वारा स्ट्रीट लाइट लगवाए जाने से पूर्व पावर कॉर्पोरेशन से वैध विद्युत कनेक्शन लिया गया था। यदि क्रय की गई सामग्री का मूल्य एक लाख से अधिक है तो क्या सामग्री क्रय करने से पूर्व टेंडर आमंत्रित किया गया है। क्या सामग्री खरीदने में कार्य को टुकड़ों में तो नहीं विभाजित किया गया है। क्या सामग्री की गुणवत्ता अधोमानक एवं सामग्री मूल्य वास्तविक मूल्य से अधिक तो नहीं है।
यदि ग्रामपंचायत द्वारा बिना वैध विद्युत कनेक्शन के स्ट्रीट लाइट लगाई गई है तो दोषियों के विरुद्ध विद्युत चोरी में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यदि सचिव एवं प्रधान द्वारा टुकड़ों में विभाजित कर एवं बिना वित्तीय नियमों का पालन किए सामग्री खरीदी गई है तो सचिव एवं प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। केन्द्रीयत सामग्री आपूर्ति किए जाने पर एडीओ पंचायत के विरुद्ध कार्रवाई होगी।

आनलाइन आंकड़ों के अनुसार जिले 15 ब्लॉक की 96 ग्राम पंचायतों में दो करोड़ नौ लाख आठ हजार 453 रुपये की स्ट्रीट/सोलर लाइट क्रय की गई है। सकरन में सर्वाधिक 51 लाख 32 हजार 430 रुपये खर्च हुए। बेहटा में 36 लाख 22 हजार 820 रुपये, कसमंडा में 33,43715 रुपये, हरगांव में 24,24499 रुपये, सिधौली में 21,80240 रुपये, रामपुर मथुरा में 16,45640 रुपये, मछरेहटा में 21,10000 रुपये, लहरपुर में 54,4280 रुपये, परसेंडी में 33,7120 रुपये, महोली 11,7734 रुपये, गोंदलामऊ 11,4975 रुपये, पहला में एक लाख दस हजार, खैराबाद में 94,600 रुपये, एलिया में 19,900 एवं रेउसा में सबसे कम दस हजार पांच सौ रुपये खर्च हुए हैं।
सीडीओ संदीप कुमार ने बताया कि निदेशक पंचायतीराज द्वारा दिए गए निर्देश एवं जांच बिंदुओं पर अफसरों को नामित कर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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