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Sitapur News: खेवटा में फिर मिले तेंदुए के पगचिह्न
Mon, 14 Sep 2026 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 14 Sep 2026 11:54 PM IST
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तेंदुए के पगचिह्न
संदना। रामपुर खेवटा के जंगल के पास सोमवार को कॉम्बिंग के दौरान फिर तेंदुए के पगचिह्न मिले। लगातार तीसरे दिन पगचिह्न मिलने से वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। विभाग का मानना है कि तेंदुआ जंगल और आबादी के आसपास चहलकदमी कर रहा है। निगरानी बढ़ाने के साथ ही दहिलरा में लगाए गए पिंजरे को खेवटा के जंगल के पास लगाने की तैयारी की जा रही है।
मिश्रिख वन रेंज में बाघिन की तलाश के बीच अब तेंदुए की मौजूदगी से दहशत है। शनिवार को दहिलरा और बिराहिमपुर के बीच तेंदुए के पगचिह्न मिले थे। इसके बाद दहिलरा के दक्षिण में अमित यादव के समर के पास पिंजरा लगाया गया। पिंजरे के पास दो ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। इनके जरिये तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
रविवार और सोमवार को लगातार रामपुर खेवटा के जंगल के पास पगचिह्न मिले। खेवटा के जंगल के आसपास पहले भी तेंदुआ दिखाई देने की सूचनाएं मिलती रही हैं। इसे देखते हुए वन विभाग अब पिंजरे की लोकेशन बदलने की तैयारी में है।
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फॉरेस्टर अनिल यादव ने बताया कि खेवटा के जंगल में मिले पगचिह्नों की निगरानी की जा रही है। मंगलवार को दहिलरा में लगाए गए पिंजरे को खेवटा में लगाने की रणनीति बनाई जा रही है। कॉम्बिंग के साथ ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
रामपुर खेवटा के जंगल के पास वर्ष 2020 में भी तेंदुए की मौजूदगी सामने आई थी। उसे पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इसके बाद नवंबर 2025 में भी एक तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ था। हालांकि, इसके बाद भी समय-समय पर क्षेत्र में तेंदुआ देखे जाने की सूचनाएं मिलती रही हैं।
बाघिन की तलाश में 58वें दिन भी वन विभाग की टीम ने संभावित स्थानों पर कॉम्बिंग की। इस दौरान बाघिन के पगचिह्न नहीं मिले। उसकी मौजूदगी के कोई नए संकेत भी सामने नहीं आए हैं।
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मिश्रिख वन रेंज में बाघिन की तलाश के बीच अब तेंदुए की मौजूदगी से दहशत है। शनिवार को दहिलरा और बिराहिमपुर के बीच तेंदुए के पगचिह्न मिले थे। इसके बाद दहिलरा के दक्षिण में अमित यादव के समर के पास पिंजरा लगाया गया। पिंजरे के पास दो ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। इनके जरिये तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
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रविवार और सोमवार को लगातार रामपुर खेवटा के जंगल के पास पगचिह्न मिले। खेवटा के जंगल के आसपास पहले भी तेंदुआ दिखाई देने की सूचनाएं मिलती रही हैं। इसे देखते हुए वन विभाग अब पिंजरे की लोकेशन बदलने की तैयारी में है।
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फॉरेस्टर अनिल यादव ने बताया कि खेवटा के जंगल में मिले पगचिह्नों की निगरानी की जा रही है। मंगलवार को दहिलरा में लगाए गए पिंजरे को खेवटा में लगाने की रणनीति बनाई जा रही है। कॉम्बिंग के साथ ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
रामपुर खेवटा के जंगल के पास वर्ष 2020 में भी तेंदुए की मौजूदगी सामने आई थी। उसे पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इसके बाद नवंबर 2025 में भी एक तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ था। हालांकि, इसके बाद भी समय-समय पर क्षेत्र में तेंदुआ देखे जाने की सूचनाएं मिलती रही हैं।
बाघिन की तलाश में 58वें दिन भी वन विभाग की टीम ने संभावित स्थानों पर कॉम्बिंग की। इस दौरान बाघिन के पगचिह्न नहीं मिले। उसकी मौजूदगी के कोई नए संकेत भी सामने नहीं आए हैं।