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जलस्तर घटा पर कम नहीं हुईं मुसीबतें

Wed, 08 Jul 2020 10:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2020 10:54 PM IST
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Water level decreased but problems did not decrease
रेउसा क्षेत्र में पलायन करते ग्रामीण। - फोटो : SITAPUR
रेउसा (सीतापुर)। गांजरी क्षेत्र में बुधवार को सरयू और शारदा नदी का पानी कम हुआ, लेकिन मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। खेतों से लेकर संपर्क मार्ग जलमग्न है। इससे आवागमन में ग्रामीणों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। जलस्तर घटने से कटान का खतरा बढ़ गया है। उधर, तीनों बैराजों से बुधवार को ढाई लाख क्यूसेक से अधिक पानी डिस्चार्ज किया गया है। यह पानी इलाके में पहुंचने पर हालात फिर से बिगड़ सकते हैं। तटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों की परेशानी कम होती नजर नहीं आ रही है।
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सरयू का जलस्तर घटने से रेउसा क्षेत्र के जटपुरवा, समयदीनपुरवा, कोनी, रामलालपुरवा, नगीनापुरवा, खुषीरामपुरवा, ठेकेदारपुरवा, दुर्गापुरवा, परमेश्वरपुरवा, लालापुरवा, फौजदारपुरवा आदि गांवों पर मंडराने वाला बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है। इसके बावजूद गांवों के बाहर संपर्क मार्गों व खेतों में पानी भरा होने से ग्रामीणों को राहत नहीं मिली है। अब गांवों के बाहर संपर्क मार्गों पर कीचड़ व जलभराव जैसे हालात बने हुए हैं। इन पर निकलना खतरे से खाली नहीं है। लेकिन मजबूरन ग्रामीणों को जोखिम उठाते हुए आवागमन करना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि पानी अभी इतना कम नहीं पड़ा है कि बाढ़ का खतरा टल गया हो। बारिश और बैराजों से छोड़ा जाने वाला पानी किसी भी समय मुसीबत फिर बढ़ा सकता है। बुधवार को बैराजों से छोड़ा गया ढाई लाख क्यूसेक पानी जब इधर से गुजरेगा तो नदियां एक बार फिर से उफनाएंगी। संभावित खतरे से भयभीत ग्रामीण सुरक्षित ठिकाना तलाशने को मजबूर हैं।
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बैराजों से छोड़ा गया पानी
बनबसा- 54644 क्यूसेक
शारदा- 109035 क्यूसेक
गिरिजा- 102373 क्यूसेक
प्रशासन की अनदेखी से हालात हुए खराब
पिछले साल की बाढ़ में ठेकेदारपुरवा और जैतहिया के मध्य सड़क कट गई थी। कई बार शिकायत के बाद भी इसे दुरुस्त नहीं कराया गया। अब सरयू का जलस्तर बढ़ने से लहरों ने जब आबादी का रुख किया तो कई संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए। इनमें यह सड़क भी शामिल है। कटान वाले निचले स्थान में पानी भरने से आवागमन दुश्वार हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क अगर दुरुस्त करा दी गई होती तो इतनी जल्दी यह समस्या उत्पन्न नहीं होती।

नदियों का पानी काफी हद तक घट गया है। हालात सामान्य हैं। बुधवार को बैराजों से छोड़ा गया पानी कोई खास असर नहीं डाल सकेगा। बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं। एहतियातन तटीय इलाकों में लगातार नजर रखी जा रही है।
- सुरेश कुमार, एसडीएम, बिसवां
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