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Sitapur News: एंबुलेंस न होने से घंटों तक इंतजार
Tue, 11 Nov 2025 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 11 Nov 2025 12:12 AM IST
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रामकोट। करीब 10 हजार की आबादी वाले रामकोट में स्थायी एंबुलेंस न होने से मरीजों को देरी से इलाज मिल पाता है। कई बार एंबुलेंस समय से न पहुंचने पर मरीजों को प्राइवेट वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार दो वर्ष पहले कस्बे में एक एंबुलेंस स्थायी रूप से मौजूद रहती थी। इससे आसपास क्षेत्र में कोई आवश्यकता होती थी तो कुछ समय में ही पहुंच जाती थी, लेकिन वर्तमान में एंबुलेंस न होने के कारण घायलों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कस्बा रामकोट में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होने के साथ-साथ औद्योगिक रूप से यहां डालमिया शुगर मिल संचालित है। ऐसे में आए दिन क्षेत्र में दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थायी एंबुलेंस सेवा न होने से मरीजों को काफी परेशानी उठाना पड़ रही है।
निजी वाहन से पहुंचाना पड़ा अस्पताल : हाल ही में आठ दिन पहले अर्थाना गांव निवासी सत्यम शुक्ला को डालमिया चीनी मिल जवाहरपुर के सामने मार्ग दुर्घटना में गंभीर चोटें आई थीं। काफी इंतजार के बाद भी एंबुलेंस न मिलने से उन्हें निजी वाहन से जिला चिकित्सालय ले जाना पड़ा। हुमायूंपुर निवासी दीपक त्रिवेदी का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र होने के चलते यातायात का दबाव बने रहने से दुर्घटना होती रहती है। ऐसे में घंटों इंतजार के बाद एंबुलेंस सुविधा मिल पाती है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार दो वर्ष पहले कस्बे में एक एंबुलेंस स्थायी रूप से मौजूद रहती थी। इससे आसपास क्षेत्र में कोई आवश्यकता होती थी तो कुछ समय में ही पहुंच जाती थी, लेकिन वर्तमान में एंबुलेंस न होने के कारण घायलों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कस्बा रामकोट में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होने के साथ-साथ औद्योगिक रूप से यहां डालमिया शुगर मिल संचालित है। ऐसे में आए दिन क्षेत्र में दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थायी एंबुलेंस सेवा न होने से मरीजों को काफी परेशानी उठाना पड़ रही है।
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निजी वाहन से पहुंचाना पड़ा अस्पताल : हाल ही में आठ दिन पहले अर्थाना गांव निवासी सत्यम शुक्ला को डालमिया चीनी मिल जवाहरपुर के सामने मार्ग दुर्घटना में गंभीर चोटें आई थीं। काफी इंतजार के बाद भी एंबुलेंस न मिलने से उन्हें निजी वाहन से जिला चिकित्सालय ले जाना पड़ा। हुमायूंपुर निवासी दीपक त्रिवेदी का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र होने के चलते यातायात का दबाव बने रहने से दुर्घटना होती रहती है। ऐसे में घंटों इंतजार के बाद एंबुलेंस सुविधा मिल पाती है।
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