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Sitapur News: उफनाई सरयू, 25 गांवों पर मंडराया खतरा
Sat, 15 Jul 2023 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 15 Jul 2023 11:57 PM IST
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रामपुर मथुरा/सीतापुर। बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी और बारिश के कारण सरयू व शारदा नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। सरयू के जलस्तर में शनिवार को 10 सेमी. का इजाफा हुआ है। उधर, कटान ने भी लोगों की नींद उड़ा रखी है। तीनों बैराजों से शनिवार को 2,84,974 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इससे आने वाले दिनों में तराई क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
सरयू नदी का जलस्तर 10 सेमी. बढ़कर 118.40 मीटर पर पहुंच गया है। नदी लाल निशान से महज 60 सेमी. नीचे बह रही है। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव कनरखी, अखरी, अंगरौरा, बक्सी पुरवा, शंकर पुरवा, निरंजन पुरवा, मिश्रण पुरवा, फतेहपुरवा, बाबा कुटी, बलेसर पुरवा समेत करीब 25 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
निरंजन पुरवा के प्रमोद ने बताया कि नदी का पानी रात से अब तक लगातार बढ़ रहा है। हालांकि पानी अभी नदी के अंदर ही बह रहा है। लेकिन जलस्तर में बढ़ोतरी से तलहटी में बसे 25 गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है।
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श्रीराम यादव ने बताया कि जिस तरह हर रोज पानी में उतार-चढ़ाव आ रहा है और जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया है, उससे किसी भी समय गांवों में पानी घुस सकता है। अचानक बाढ़ आने पर घर का सामान व पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना मुश्किल होगा।
उधर, शनिवार को तीनों बैराजों से 2 लाख 84 हजार 974 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। इसके साथ ही शंकरपुरवा, बाबाकुटी व अखरी के पास कटान भी तेज हो गया है। बेकाबू लहरें ग्रामीणों के मकान व खेत निगलने को बेताब हैं।
किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी
शारदा बैराज- 1,31,337 क्यूसेक
घाघरा बैराज- 1,15,127 क्यूसेक
बनबसा बैराज- 38,510 क्यूसेक
पेयजल को तरस रहे तटबंध पर शरण लिए बाढ़ पीड़ित
तटबंध पर रहने वाले अनिल कुमार ने बताया कि उजाले के लिए तीन सोलर पैनल लगवा दिए गए हैं। हरी ने बताया कि तटबंध पर शुद्ध पानी के लिए नल तथा शौचालय की जरूरत है। कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की गई है। खंड विकास अधिकारी मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्राम विकास अधिकारियों को शौचालय व हैंडपंपों के उच्चीकरण के लिए निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ जैसे हालात नहीं
सरयू के जलस्तर में मात्र 10 सेमी. का इजाफा हुआ है। अभी क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। बाढ़ से निपटने के इंतजाम कर लिए गए हैं। नावों की मरम्मत के लिए एक या दो दिनों में तारकोल मिल जाएगा।
- शिखा शुक्ला, एसडीएम महमूदाबाद
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सरयू नदी का जलस्तर 10 सेमी. बढ़कर 118.40 मीटर पर पहुंच गया है। नदी लाल निशान से महज 60 सेमी. नीचे बह रही है। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव कनरखी, अखरी, अंगरौरा, बक्सी पुरवा, शंकर पुरवा, निरंजन पुरवा, मिश्रण पुरवा, फतेहपुरवा, बाबा कुटी, बलेसर पुरवा समेत करीब 25 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
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निरंजन पुरवा के प्रमोद ने बताया कि नदी का पानी रात से अब तक लगातार बढ़ रहा है। हालांकि पानी अभी नदी के अंदर ही बह रहा है। लेकिन जलस्तर में बढ़ोतरी से तलहटी में बसे 25 गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है।
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श्रीराम यादव ने बताया कि जिस तरह हर रोज पानी में उतार-चढ़ाव आ रहा है और जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया है, उससे किसी भी समय गांवों में पानी घुस सकता है। अचानक बाढ़ आने पर घर का सामान व पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना मुश्किल होगा।
उधर, शनिवार को तीनों बैराजों से 2 लाख 84 हजार 974 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। इसके साथ ही शंकरपुरवा, बाबाकुटी व अखरी के पास कटान भी तेज हो गया है। बेकाबू लहरें ग्रामीणों के मकान व खेत निगलने को बेताब हैं।
किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी
शारदा बैराज- 1,31,337 क्यूसेक
घाघरा बैराज- 1,15,127 क्यूसेक
बनबसा बैराज- 38,510 क्यूसेक
पेयजल को तरस रहे तटबंध पर शरण लिए बाढ़ पीड़ित
तटबंध पर रहने वाले अनिल कुमार ने बताया कि उजाले के लिए तीन सोलर पैनल लगवा दिए गए हैं। हरी ने बताया कि तटबंध पर शुद्ध पानी के लिए नल तथा शौचालय की जरूरत है। कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की गई है। खंड विकास अधिकारी मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्राम विकास अधिकारियों को शौचालय व हैंडपंपों के उच्चीकरण के लिए निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ जैसे हालात नहीं
सरयू के जलस्तर में मात्र 10 सेमी. का इजाफा हुआ है। अभी क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। बाढ़ से निपटने के इंतजाम कर लिए गए हैं। नावों की मरम्मत के लिए एक या दो दिनों में तारकोल मिल जाएगा।
- शिखा शुक्ला, एसडीएम महमूदाबाद