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Sitapur News: आधुनिक समाज के लिए प्रेरणास्रोत है आदिवासी संस्कृति
Sat, 18 Apr 2026 12:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 18 Apr 2026 12:04 AM IST
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वेदव्यास धाम में सेवार्थ विद्यार्थी की अवध प्रान्त की सेवा संकल्प गोष्ठी के दौरान मौजूद अतिथि
सीतापुर। श्री वेदव्यास धाम नैमिषारण्य में सेवार्थ विद्यार्थी सीतापुर अवध प्रांत की तरफ से सेवा संकल्प गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें गुजरात से आया विशेष आदिवासी प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ। इससे सेवा और संस्कृति के अंतःप्रांतीय संगम का दृश्य देखने को मिला।
महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद सरस्वती ने आदिवासी समाज की जीवनशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति में सामाजिक सेवा के मूल्य गहराई से निहित हैं, जो आज के आधुनिक समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। प्रकृति के साथ सामंजस्य और सामुदायिक सेवा ही इस संस्कृति की असली शक्ति है।
महामंडलेश्वर स्वामी विद्यानंद सरस्वती ने गुजरात में आदिवासी समाज के लोगों द्वारा संचालित सेवा कार्य व निशुल्क शिक्षा केंद्र का जिक्र करते हुए आदिवासी संस्कृत के सेवा मूल्यों पर चर्चा की। प्रांत संयोजक अलख कांत श्रीवास्तव ने सेवा का संकल्प, राष्ट्र पुनर्निर्माण का आधार विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि जब तक हम सेवा के संकल्प को अपने जीवन का हिस्सा नहीं बनाएंगे, तब तक राष्ट्र के सर्वांगीण विकास की कल्पना अधूरी है। विद्यार्थियों को निस्वार्थ भाव से समाज की उन्नति के लिए आगे आना चाहिए। इस अवसर पर जिला संगठन मंत्री हर्षित सिंह, प्रांत कार्यसमिति सदस्य दिव्यांशी गुप्ता, विभाग संयोजक अमन शांडिल्य, नगर मंत्री अनुराग मिश्र, सागर गुप्ता सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद सरस्वती ने आदिवासी समाज की जीवनशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति में सामाजिक सेवा के मूल्य गहराई से निहित हैं, जो आज के आधुनिक समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। प्रकृति के साथ सामंजस्य और सामुदायिक सेवा ही इस संस्कृति की असली शक्ति है।
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महामंडलेश्वर स्वामी विद्यानंद सरस्वती ने गुजरात में आदिवासी समाज के लोगों द्वारा संचालित सेवा कार्य व निशुल्क शिक्षा केंद्र का जिक्र करते हुए आदिवासी संस्कृत के सेवा मूल्यों पर चर्चा की। प्रांत संयोजक अलख कांत श्रीवास्तव ने सेवा का संकल्प, राष्ट्र पुनर्निर्माण का आधार विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि जब तक हम सेवा के संकल्प को अपने जीवन का हिस्सा नहीं बनाएंगे, तब तक राष्ट्र के सर्वांगीण विकास की कल्पना अधूरी है। विद्यार्थियों को निस्वार्थ भाव से समाज की उन्नति के लिए आगे आना चाहिए। इस अवसर पर जिला संगठन मंत्री हर्षित सिंह, प्रांत कार्यसमिति सदस्य दिव्यांशी गुप्ता, विभाग संयोजक अमन शांडिल्य, नगर मंत्री अनुराग मिश्र, सागर गुप्ता सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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