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Sitapur News: एक्सपायर्ड अस्पतालों में हो रहा बीमारियों का इलाज

Mon, 22 May 2023 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Mon, 22 May 2023 12:09 AM IST
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Treatment of diseases in expired hospitals
सीतापुर। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दावों के बीच तल्ख हकीकत सामने आई है। लगातार निरीक्षण और जांच के दावों से इतर जनपद में पंजीकरण अवधि समाप्त होने के बाद भी नवीनीकरण कराए बिना बड़ी संख्या में प्राइवेट अस्पताल संचालित हो रहे हैं।
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अग्रिशमन विभाग के मुताबिक 119 अस्पतालों ने नवीनीकरण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया है, तो स्वास्थ्य महकमे के मुताबिक भी 45 अस्पतालों ने अभी नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है। सधे शब्दों में कहें तो नवीनीकरण न कराने वाले प्राइवेट अस्पताल अवैध रूप से ही संचालित माने जाएंगे।
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स्वास्थ्य महकमे के नियमों के मुताबिक विभाग में पंजीकरण कराए बिना कोई प्राइवेट अस्पताल या क्लीनिक नहीं चलाए जा सकते। पंजीकरण कराने के बाद प्राइवेट अस्पतालों का हर वर्ष नवीनीकरण किया जाता है।
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नवीनीकरण करते समय स्वास्थ्य विभाग मुख्यत: तीन प्रमाण पत्र अस्पताल संचालकों से मांगता है। इसमें प्रदूषण नियंत्रण विभाग, अग्रिशमन विभाग के अनापत्ति प्रमाण पत्र शामिल हैं। इसके अलावा मेडिकल वेस्ट के निस्तारण संबंधी प्रमाण पत्र भी मांगा जाता है। अग्रिशमन विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन है।
30 अप्रैल 2023 को जनपद में संचालित सभी प्राइवेट अस्पतालों का पंजीकरण समाप्त हो चुका है। इसके एक पखवारे के अंदर ही सभी का नवीनीकरण हो जाना चाहिए था, लेकिन बीस दिन बीतने के बाद भी सिर्फ 14-15 अस्पतालों ने ही नवीनीकरण कराया है।
खास बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को अधिकांश प्राइवेट अस्पतालों के नवीनीकरण न होने की जानकारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ भी करते। इन अस्पतालों का निरीक्षण करने वाले विभागीय अधिकारी भी औपचारिकता निभाकर वापस चले जाते हैं। यही वजह है कि पंजीकरण कराने में भी हीलाहवाली हो रही है।

कौन है सच्चा कौन है झूठा...
मुख्य अग्रिशमन अधिकारी सुभाष सिंह बताते हैं कि सिर्फ 24 अस्पतालों ने पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने को आवेदन किया। जांच के बाद इनमें से 14 को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। दस अस्पतालों में अलग अलग खामियां मिलने पर आपत्ति लगाते हुए आवेदन निस्तारित कर दिया गया। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मधु गुरैला का कहना है कि सभी अस्पतालों ने पंजीकरण का नवीनीकरण कराने के लिए आवेदन किया है। 15 अस्पतालों के पंजीकरण का नवीनीकरण कर दिया गया है।

कम से कम इतना तो हो ही... अग्रिशमन विभाग की अनापत्ति पाने के लिए प्राइवेट अस्पताल में आग बुझाने के सभी इंतजाम होने चाहिए। न्यूनतम एक हजार लीटर की पानी की टंकी, पंप और हौजरील तो होनी ही चाहिए।

इनके आवेदन पर लगी आपत्ति-शुभ हॉस्पिटल सिधौली, स्वस्थ समाज हॉस्पिटल, आदर्श नर्सिंग होम, डिवाइन हॉस्पिटल, न्यू नेशन हॉस्पिटल, मालती हॉस्पिटल, एसके नर्सिंग होम, सीतापुर हेल्थ सेंटर, बिसवां हॉस्पिटल, हृदय नारायण अस्पताल।

इनको जारी हो गए अनापत्ति प्रमाण पत्र
जायसवाल हॉस्पिटल सिधौली, संकल्प अस्पताल खैराबाद, बीएन नर्सिंग होम नेपालापुर, अनीता नर्सिंग होम रामकोट, बीसीएम अस्पताल खैराबाद, नमरा हॉस्पिटल नेपालापुर, शीतलादेवी नर्सिंग होम, जनता सेवा हॉस्पिटल, न्यू सेवा हॉस्पिटल, जनता नर्सिंग होम, रेड स्टार हॉस्पिटल, जनता अस्पताल, एमएस नर्सिंग होम, जीवन ज्योति अस्पताल।


आंकड़े अलग-अलग, तो किस पर करें भरोसा
जनपद में संचालित अस्पतालों की संख्या को लेकर अग्रिशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े अलग अलग हैं। अलग-अलग आंकड़े कहीं न कहीं खेल होने का इशारा करते हैं। अग्रिशमन विभाग के मुताबिक जनपद में 133 अस्पताल संचालित हैं, जबकि स्वास्थ्य महकमे के मुताबिक 143 अस्पताल संचालित हैं। इन 143 अस्पतालों में 70 अस्पताल हैं, जबकि बाकी प्राइवेट चिक्तिसकों के क्लीनिक हैं। अग्रिशमन विभाग से 14 अस्पतालों को एनओसी मिली है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि 70 में से 15 अस्पतालों का नवीनीकरण कर दिया गया है।
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