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Sitapur News: हादसे में दो घरों के बुझ गए चिराग, चीख-पुकार से दहला सीएचसी परिसर
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फोटो-52हैड्रा से निकाली गई ट्रक में फंसी पिकअप। संवाद
मानपुर/बिसवां। ट्रक हादसे में धान की भूसी के नीचे दबकर दो घरों के चिराग बुझ गए। मैजिक सवार मानपुर केलालपुर कोठी निवासी अंकित अपने घर के इकलौते पुत्र थे। उनकी एक बहन है, जिसका विवाह हो चुका है। घटना की जानकारी होते ही परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिसवां पर पहुंच गए। इस बीच चीख-पुकार से पूरा परिसर गमगीन हो गया।
हादसे के दूसरे शिकार बिसवां के सत्तिनपुरवा निवासी साहिल उर्फ अयान भी घर के इकलौते चिराग थे। यह वाहन चलाने का काम करते थे। उधर, पुष्पेंद्र के परिजन भी मौत की खबर पाकर बेसुध हो गए। बड़े भाई मनीष यादव का रो रोकर बुरा हाल है। उनकी चार बहनें हैं, जिनका विवाह हो चुका है।
ग्रामीणों के अनुसार परिवार का भरण पोषण करने के लिए पुष्पेंद्र बिसवां स्थित एक नमकीन के कारखाने में काम करते थे। वह मैजिक से सामान दुकानदारों को सप्लाई करते थे। रविवार को भी वह यही काम करने के लिए जा रहे थे। लेकिन ट्रक पर लदी धान की भीसी के नीचे दबने से उनकी असमय मौत हो गई। तीनों मृतकों में से किसी का विवाह नहीं हुआ है।
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एक घंटे तक लगा रहा जाम
हादसे के बाद ट्रक पर लदी धान की भूसी सड़क पर फैल गई। इससे करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। मौके पर थानाध्यक्ष सदरपुर मुकेश वर्मा व उप निरीक्षक दिलीप कुमार सिंह के साथ पुलिस बल तैनात रहा। दो हाइड्रा व एक जेसीबी की मदद से किसी तरह से भूसी हटवाई गई। ग्रामीणों की मदद से ट्रक को सीधा कराया गया।
हादसे में दो बाइक सवार भी जख्मी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पलटने से पहले ट्रक दो बाइकों से भी टकराया था। इससे दोनों बाइक चालक घायल हुए हैं। उनका इलाज रेउसा सीएचसी में चल रहा है। पुलिस के अनुसार ट्रक के अनियंत्रित होने का एक कारण ब्रेक फेल भी हो सकता है। पूरी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।
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हादसे के दूसरे शिकार बिसवां के सत्तिनपुरवा निवासी साहिल उर्फ अयान भी घर के इकलौते चिराग थे। यह वाहन चलाने का काम करते थे। उधर, पुष्पेंद्र के परिजन भी मौत की खबर पाकर बेसुध हो गए। बड़े भाई मनीष यादव का रो रोकर बुरा हाल है। उनकी चार बहनें हैं, जिनका विवाह हो चुका है।
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ग्रामीणों के अनुसार परिवार का भरण पोषण करने के लिए पुष्पेंद्र बिसवां स्थित एक नमकीन के कारखाने में काम करते थे। वह मैजिक से सामान दुकानदारों को सप्लाई करते थे। रविवार को भी वह यही काम करने के लिए जा रहे थे। लेकिन ट्रक पर लदी धान की भीसी के नीचे दबने से उनकी असमय मौत हो गई। तीनों मृतकों में से किसी का विवाह नहीं हुआ है।
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एक घंटे तक लगा रहा जाम
हादसे के बाद ट्रक पर लदी धान की भूसी सड़क पर फैल गई। इससे करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। मौके पर थानाध्यक्ष सदरपुर मुकेश वर्मा व उप निरीक्षक दिलीप कुमार सिंह के साथ पुलिस बल तैनात रहा। दो हाइड्रा व एक जेसीबी की मदद से किसी तरह से भूसी हटवाई गई। ग्रामीणों की मदद से ट्रक को सीधा कराया गया।
हादसे में दो बाइक सवार भी जख्मी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पलटने से पहले ट्रक दो बाइकों से भी टकराया था। इससे दोनों बाइक चालक घायल हुए हैं। उनका इलाज रेउसा सीएचसी में चल रहा है। पुलिस के अनुसार ट्रक के अनियंत्रित होने का एक कारण ब्रेक फेल भी हो सकता है। पूरी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।