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Sitapur News: सात साल बाद सहकारी बैंक से किसानों को तीन करोड़ का कर्ज

Thu, 19 Jan 2023 11:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Jan 2023 11:51 PM IST
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Three crore loan to farmers from co-operative bank after seven years
सीतापुर। पिछले लगभग सात वर्ष से बदहाली का सामना कर रही सहकारी बैंकों के दिन बहुरने से किसानों को भी राहत मिलने लगी है। सात साल बाद जिले में किसानों को सहकारी बैंक से ऋण (लोन) मिलना शुरू हो गया है। पिछले कुछ ही दिनों में सीतापुर जनपद में 579 किसानों को तीन करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।
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सूबे में लंबे समय तक रही सहकारी संस्थाओं की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। हाल यह हो गया था कि सहकारी बैंकों के खातेदारों को अपना ही रुपया निकालने में परेशानी होती थी। वर्ष 2022 में दूसरी बार प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद हालात बदलने शुरू हुए। जनपद में अक्टूबर से 31 दिसंबर तक 16 करोड़ रुपये का भुगतान सहकारी बैंक अपने खातेदारों को कर चुकी है। अब नई खबर यह है कि सात साल के लंबे अंतराल के बाद सहकारी बैंक ने किसानों को फिर से ऋण देना शुरू कर दिया है।
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जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील त्रिपाठी बताते हैं कि जनपद में 579 किसानों को सहकारी बैंक की 27 शाखाओं से तीन करोड़ नौ लाख 29 हजार रुपये का कर्ज दिया गया है। इनमें 80 किसानों को पशुपालन के लिए लगभग 80 लाख रुपये का कर्ज दिया गया है। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए दिए गए इस ऋण पर किसानों को वार्षिक महज तीन फीसदी ब्याज ही देना होगा। किसानों को उनकी फसल की उपज के हिसाब से 10 हजार रुपये से लेकर तीन लाख रुपये तक का ऋण दिया गया है। सहकारी बैंक से अधिकतम तीन लाख रुपये तक का ही ऋण देने की व्यवस्था है।
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बैंक में खुले 2140 नए खाते भी
जनपद में सहकारी बैंकों की 27 शाखाएं हैं। इनसे 207 सहकारी समितियां संबद्ध हैं। पिछले दो माह में सहकारी समितियों के माध्यम से 2140 नए खाते भी खुलवाए गए हैं।

सीतापुर की सहकारी बैंक प्रदेश की उन 16 बैंकों में थी जो बंद होने के कगार पर थीं। इस वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के मुताबिक सहकारिता को गति देते हुए मूल तत्वों में सुधार किया। अब सहकारी बैंकों के पास धन की कमी नहीं है। जब बैंक ऋण देने में सफल हो रही है तो बदलाव का एहसास हर कोई कर सकता है।
जेपीएस राठौर, सहकारिता मंत्री
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