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Sitapur News: बाघ का पता नहीं, अब पिंजरों की लोकेशन बदलेगा वनविभाग
Thu, 04 Sep 2025 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 04 Sep 2025 11:09 PM IST
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कैमरे में कैद बाघ।
सीतापुर। वन विभाग व दुधवा रिजर्व से आए विशेषज्ञों की टीम को बाघ 14 दिनों से लगातार चकमा दे रहा है। अब वन विभाग बाघ को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे और बांधे गए पड़वों की लोकेशन बदलने की कवायद में है। दरअसल, बृहस्पतिवार को भी दिनभर कॉम्बिग करते हुए खेतों और झाड़ियों की खाक छानने के बाद बाघ की परछाईं तक वन विभाग की टीम को नजर नहीं आई।
डीएफओ नवीन खंडवाल ने बताया कि जिस जगह बाघ घूम रहा है वहां बारिश के कारण दलदल हो गया है। इससे बाघ को घेरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाघ को सूखे एरिया में लाने के लिए पड़वों व पिंजरों की जगह बदलनी पड़ेगी। उधर, बाघ प्रभावित इलाके में बृहस्पतिवार को डब्लूटीआई व वन विभाग की टीम ने गांव-गांव जन जागरण चौपाल लगाकर ग्रामीणों को जागरूक किया। वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सोशोलाॅजिस्ट ने बताया कि डब्ल्यूटीआई के सहयोग से आपका प्रहरी नामक जागरूकता रथ व स्कूल संवाद तो पहले से ही चलाया जा रहा था। अब इसे एक कदम आगे बढ़ाते हुए नरनी, श्यामजीरा, कटिघरा, कारीपाकर समेत अन्य बाघ प्रभावित गांवों में ग्रामीणों के साथ जन जागरण चौपाल की शुरुआत की गई है।
शहर की सीमा पर रात में गूंजी तेंदुए की दहाड़
शहर से करीब ढाई किमी दूर रामकोट के लोधौरा गांव में बुधवार रात तेंदुए की दहाड़ गूंजी। गांव वालों के मुताबिक मुनींद्र अवस्थी के मिल के पास बाग में तेंदुआ देखा गया। ग्रामीणों ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। दरअसल, मवेशियों में हलचल देख ग्रामीण एकत्र होकर निकले तो बाग में तेंदुआ बैठा नजर आया। रोशनी पड़ने पर दहाड़ने लगा। ग्रामीण भाग खड़े हुए। वन दरोगा ऋषभ सिंह तोमर ने बताया कि कॉम्बिग की गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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तेंदुए को पकड़ने को बेसौली के पास लगाया गया पिंजरा
गोंदलामऊ (सीतापुर)। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए बैसौली के पास पिंजरा लगाया है लेकिन तेंदुआ पिंजरे के आसपास तक नहीं फटका। बृहस्पतिवार को टीम ने कॉम्बिंग की लेकिन सफलता नहीं मिली। वन दरोगा अनिल ने बताया कि जल्द तेंदुए को पकड़ा जाएगा।
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डीएफओ नवीन खंडवाल ने बताया कि जिस जगह बाघ घूम रहा है वहां बारिश के कारण दलदल हो गया है। इससे बाघ को घेरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाघ को सूखे एरिया में लाने के लिए पड़वों व पिंजरों की जगह बदलनी पड़ेगी। उधर, बाघ प्रभावित इलाके में बृहस्पतिवार को डब्लूटीआई व वन विभाग की टीम ने गांव-गांव जन जागरण चौपाल लगाकर ग्रामीणों को जागरूक किया। वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सोशोलाॅजिस्ट ने बताया कि डब्ल्यूटीआई के सहयोग से आपका प्रहरी नामक जागरूकता रथ व स्कूल संवाद तो पहले से ही चलाया जा रहा था। अब इसे एक कदम आगे बढ़ाते हुए नरनी, श्यामजीरा, कटिघरा, कारीपाकर समेत अन्य बाघ प्रभावित गांवों में ग्रामीणों के साथ जन जागरण चौपाल की शुरुआत की गई है।
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शहर की सीमा पर रात में गूंजी तेंदुए की दहाड़
शहर से करीब ढाई किमी दूर रामकोट के लोधौरा गांव में बुधवार रात तेंदुए की दहाड़ गूंजी। गांव वालों के मुताबिक मुनींद्र अवस्थी के मिल के पास बाग में तेंदुआ देखा गया। ग्रामीणों ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। दरअसल, मवेशियों में हलचल देख ग्रामीण एकत्र होकर निकले तो बाग में तेंदुआ बैठा नजर आया। रोशनी पड़ने पर दहाड़ने लगा। ग्रामीण भाग खड़े हुए। वन दरोगा ऋषभ सिंह तोमर ने बताया कि कॉम्बिग की गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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तेंदुए को पकड़ने को बेसौली के पास लगाया गया पिंजरा
गोंदलामऊ (सीतापुर)। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए बैसौली के पास पिंजरा लगाया है लेकिन तेंदुआ पिंजरे के आसपास तक नहीं फटका। बृहस्पतिवार को टीम ने कॉम्बिंग की लेकिन सफलता नहीं मिली। वन दरोगा अनिल ने बताया कि जल्द तेंदुए को पकड़ा जाएगा।