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अतिक्रमण से कराह रहीं गलियां, चलना मुश्किल
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लालबाग बाजार स्थित साइकिल मंडी में सड़क तक लगी लोगों की दुकानें। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
सीतापुर। शहर की गलियों में अतिक्रमण से लोगों का चलना मुश्किल है। शहर के बाजारों की प्रमुख गलियों में लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। हाल यह है कि बाइक तो दूर पैदल निकलना भी मुश्किल होता है। किसी दुकानदार ने बाहर टिनशेड डाल दिया है तो कोई दुकान खोलते ही आधा सामान दुकान के बाहर रख देता है। इसकी वजह से आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतें आ रही हैं।
शहर में स्थित अधिकतर गलियों में अतिक्रमण की इस कदर हैैै कि यहां से निकल पाना मुश्किल है। यहां स्थित दुकानदारों ने गलियों के भीतर इस तरह से अतिक्रमण कर रखा है कि दो पहिया वाहन चालकों के अलावा पैदल गुजरने वाले को भी दिक्कत होती है। आलम यह है कि कुछ गलियों में इस तरह से टिनशेड पडे़ हुए है कि वहां रोशनी भी नहीं आती है। शासन के निर्देश के बाद जिला प्रशासन अतिक्रमण हटवाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। शहर के कई मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटवाया भी गया है।
तहसील स्तरों पर भी वृहद रूप से यह अभियान चलाया जा रहा है। कोई भी दुकानदार दोबारा अतिक्रमण न कर पाए इसलिए लगातार पुलिस विभाग व्यापारियों के साथ बैठक भी कर रहा है। इसके बावजूद भी जिम्मेदारों की नजर इन गलियों में नहीं जा रही हैं। जहां हद से ज्यादा अतिक्रमण फैला हुआ है। आलम यह है कि दुकानदारों ने नालियों के ऊपर चबूतरे बनाकर उस पर अपनी दुकान सजा ही रखी है। शनिवार को अमर उजाला की टीम ने जब पड़ताल की तो मुख्य बाजार में ही ऐसी गलियां देखने को मिली जिनमें शायद गुजर पाना आसान नहीं था।
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साइकिल वाली गली का हाल बुरा
शहर में एक मात्र साइकिल वाली गली में इस कदर अतिक्रमण है कि शायद ही यहां से कोई बाइक सवार निकल सके। यहां पर दुकानदारों ने आधी गली तक साइकिलों को खड़ा कर रखा है। बच्चों की साइकिलों को उन्होंने टिन शेड में टांग रखा था, जो कभी भी किसी के भी ऊपर गिर सकती थी। जिससे कोई भी हादसा हो सकता है।
दरी मंडी की गलियों में नहीं आती धूप
बाजार स्थित दरी मंडी का हाल तो काफी ज्यादा खराब है। संकरी गलियां होने के बाद भी दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ था। कई गलियां तो ऐसी थी जहां बाइक निकाला भी मुश्किल था। दुकानदारों ने इन गलियों में इस तरह से टिन शेड डाले हुए थे कि इतनी कड़ी धूप के बाद भी वहां की गलियों में धूप की एक किरण भी नहीं पड़ रही थी।
गली में बेंच डालकर बेचते हैं सामान
शहर में पटवा और सर्राफा मंडी एक ही पास स्थित है। इनमें कुछ दुकानें साड़ियों की भी है। यहां भी दुकानदारों ने नालियों पर चबूतरे बनवा रखे हैं। इसके बावजूद कई साड़ियों के दुकानदारों ने ग्राहकों के बैठने के लिए जो बेंच बनवाई है। उनको सड़क पर डाल रखा था। पटवा मंडी में भी दुकानदार अपने ग्राहकों को गली में बेंच डालकर सामान बेचते हैं।
पड़ाव बाजार में हुआ अतिक्रमण
पड़ाव बाजार में दुकानदारों ने फिर अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है। इस बाजार से पहले भी कई बार अतिक्रमण हटाया गया था। कई बार तो पूरी दुकानों को भी हटवा दिया गया। इसके बावजूद भी स्थायी दुकानदारों ने फिर से अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है। यहां अधिकतर रेडीमेड कपड़ों की दुकान है, जो सड़क पर जींस आदि लटका देते हैं।
हटवाया जाएगा अतिक्रमण
शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। प्रमुख मार्गों के अलावा गलियों से भी अतिक्रमण हटवाया जाएगा।
- वैभव त्रिपाठी, ईओ
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शहर में स्थित अधिकतर गलियों में अतिक्रमण की इस कदर हैैै कि यहां से निकल पाना मुश्किल है। यहां स्थित दुकानदारों ने गलियों के भीतर इस तरह से अतिक्रमण कर रखा है कि दो पहिया वाहन चालकों के अलावा पैदल गुजरने वाले को भी दिक्कत होती है। आलम यह है कि कुछ गलियों में इस तरह से टिनशेड पडे़ हुए है कि वहां रोशनी भी नहीं आती है। शासन के निर्देश के बाद जिला प्रशासन अतिक्रमण हटवाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। शहर के कई मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटवाया भी गया है।
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तहसील स्तरों पर भी वृहद रूप से यह अभियान चलाया जा रहा है। कोई भी दुकानदार दोबारा अतिक्रमण न कर पाए इसलिए लगातार पुलिस विभाग व्यापारियों के साथ बैठक भी कर रहा है। इसके बावजूद भी जिम्मेदारों की नजर इन गलियों में नहीं जा रही हैं। जहां हद से ज्यादा अतिक्रमण फैला हुआ है। आलम यह है कि दुकानदारों ने नालियों के ऊपर चबूतरे बनाकर उस पर अपनी दुकान सजा ही रखी है। शनिवार को अमर उजाला की टीम ने जब पड़ताल की तो मुख्य बाजार में ही ऐसी गलियां देखने को मिली जिनमें शायद गुजर पाना आसान नहीं था।
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साइकिल वाली गली का हाल बुरा
शहर में एक मात्र साइकिल वाली गली में इस कदर अतिक्रमण है कि शायद ही यहां से कोई बाइक सवार निकल सके। यहां पर दुकानदारों ने आधी गली तक साइकिलों को खड़ा कर रखा है। बच्चों की साइकिलों को उन्होंने टिन शेड में टांग रखा था, जो कभी भी किसी के भी ऊपर गिर सकती थी। जिससे कोई भी हादसा हो सकता है।
दरी मंडी की गलियों में नहीं आती धूप
बाजार स्थित दरी मंडी का हाल तो काफी ज्यादा खराब है। संकरी गलियां होने के बाद भी दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ था। कई गलियां तो ऐसी थी जहां बाइक निकाला भी मुश्किल था। दुकानदारों ने इन गलियों में इस तरह से टिन शेड डाले हुए थे कि इतनी कड़ी धूप के बाद भी वहां की गलियों में धूप की एक किरण भी नहीं पड़ रही थी।
गली में बेंच डालकर बेचते हैं सामान
शहर में पटवा और सर्राफा मंडी एक ही पास स्थित है। इनमें कुछ दुकानें साड़ियों की भी है। यहां भी दुकानदारों ने नालियों पर चबूतरे बनवा रखे हैं। इसके बावजूद कई साड़ियों के दुकानदारों ने ग्राहकों के बैठने के लिए जो बेंच बनवाई है। उनको सड़क पर डाल रखा था। पटवा मंडी में भी दुकानदार अपने ग्राहकों को गली में बेंच डालकर सामान बेचते हैं।
पड़ाव बाजार में हुआ अतिक्रमण
पड़ाव बाजार में दुकानदारों ने फिर अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है। इस बाजार से पहले भी कई बार अतिक्रमण हटाया गया था। कई बार तो पूरी दुकानों को भी हटवा दिया गया। इसके बावजूद भी स्थायी दुकानदारों ने फिर से अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है। यहां अधिकतर रेडीमेड कपड़ों की दुकान है, जो सड़क पर जींस आदि लटका देते हैं।
हटवाया जाएगा अतिक्रमण
शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। प्रमुख मार्गों के अलावा गलियों से भी अतिक्रमण हटवाया जाएगा।
- वैभव त्रिपाठी, ईओ