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Sitapur News: रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने शव ले जाने का दिया एनओसी
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महमूदाबाद में मृतक रवि गोपाल के शोकाकुल परिजन।
- फोटो : महमूदाबाद में मृतक रवि गोपाल के शोकाकुल परिजन।
महमूदाबाद (सीतापुर)। सऊदी के रियाद में बघाइन निवासी युवक की मौत के मामले में शव वापस आने की प्रक्रिया तेज हो गई है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने शव ले जाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। शव को एक भारतीय व्यक्ति की सुपुर्दगी में रवाना किया जाएगा। परिजनों को प्रशासन स्तर से जल्दी वापस लाने का आश्वासन दिया जा रहा है।
महमूदाबाद के बघाइन गांव निवासी रवि गोपाल (26) बीते वर्ष 18 सितंबर को सऊदी अरब से रियाद शहर में काम करने गए थे। वह एक प्लास्टिक फैक्टरी में काम करते थे। 18 मार्च को रात रवि काम खत्म करके फैक्टरी में मौजूद थे। भारतीय समय के अनुसार करीब 8 बजकर 20 मिनट पर उन्होंने पत्नी से बात शुरू की। 9:53 बजे रवि का फोन अचानक बंद हो गया। पत्नी रितु के अनुसार पीछे से तेज आवाज भी आई। परिजनों ने उसके बाद कई बार फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद आता रहा। अगले दिन 19 मार्च को रवि गोपाल के बड़े भाई मनमोहन को रवि गोपाल के दोस्त ने सूचना दी कि रियाद में हुए मिसाइल हमले में रवि की मौत हो गई है। डीएम डॉ. राजागणपति आर ने दिल्ली और रियाद स्थित दूतावास से संपर्क कर पूरे मामले से अवगत कराया था। रियाद स्थित भारतीय दूतावास की तरफ से परिजनों से जरूरी फॉर्म भरवाने के साथ ही अनापत्ति प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया गया है। शव को भारतीय मूल के रवि शंकर नामक व्यक्ति को सुपुर्द किया जाएगा। रवि शंकर की सुपुर्दगी में ही शव को भारत भेजा जाएगा।
परिजनों को आर्थिक सहायता का इंतजार
घटना के छह दिन बीत जाने के बाद अब तक परिजनों को रवि गोपाल के मृत शरीर का इंतजार है। पत्नी रितु का रो-रो कर बुरा हाल है। ग्रामीण घर जाकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। भाई मनमोहन ने बताया कि जल्द से जल्द शव को वापस लाया जाए, ताकि विधिवत अंतिम संस्कार किया जा सके। रवि अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए खाड़ी देश में काम करने गये थे। रवि गोपाल का परिवार गरीब है। उनके ऊपर पत्नी, बच्चे और माता-पिता के भरण पोषण की जिम्मेदारी थी। परिजनों को किसी तरह की सरकारी मदद का इंतजार है। परिजनों की मांग की है कि भरण पोषण के लिए आर्थिक सहायता का प्रबंध किया जाए।
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फ्लाइट न मिलने से हो रही देरी
शव वापस लाने की लगभग सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। युद्ध क्षेत्र होने के चलते फिलहाल फ्लाइट्स नहीं मिल रही हैं। भाई मनमोहन ने बताया कि दूतावास से लगातार संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि एक दो दिन में शव को रियाद से लखनऊ के लिए रवाना कर दिया जाएगा।
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महमूदाबाद के बघाइन गांव निवासी रवि गोपाल (26) बीते वर्ष 18 सितंबर को सऊदी अरब से रियाद शहर में काम करने गए थे। वह एक प्लास्टिक फैक्टरी में काम करते थे। 18 मार्च को रात रवि काम खत्म करके फैक्टरी में मौजूद थे। भारतीय समय के अनुसार करीब 8 बजकर 20 मिनट पर उन्होंने पत्नी से बात शुरू की। 9:53 बजे रवि का फोन अचानक बंद हो गया। पत्नी रितु के अनुसार पीछे से तेज आवाज भी आई। परिजनों ने उसके बाद कई बार फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद आता रहा। अगले दिन 19 मार्च को रवि गोपाल के बड़े भाई मनमोहन को रवि गोपाल के दोस्त ने सूचना दी कि रियाद में हुए मिसाइल हमले में रवि की मौत हो गई है। डीएम डॉ. राजागणपति आर ने दिल्ली और रियाद स्थित दूतावास से संपर्क कर पूरे मामले से अवगत कराया था। रियाद स्थित भारतीय दूतावास की तरफ से परिजनों से जरूरी फॉर्म भरवाने के साथ ही अनापत्ति प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया गया है। शव को भारतीय मूल के रवि शंकर नामक व्यक्ति को सुपुर्द किया जाएगा। रवि शंकर की सुपुर्दगी में ही शव को भारत भेजा जाएगा।
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परिजनों को आर्थिक सहायता का इंतजार
घटना के छह दिन बीत जाने के बाद अब तक परिजनों को रवि गोपाल के मृत शरीर का इंतजार है। पत्नी रितु का रो-रो कर बुरा हाल है। ग्रामीण घर जाकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। भाई मनमोहन ने बताया कि जल्द से जल्द शव को वापस लाया जाए, ताकि विधिवत अंतिम संस्कार किया जा सके। रवि अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए खाड़ी देश में काम करने गये थे। रवि गोपाल का परिवार गरीब है। उनके ऊपर पत्नी, बच्चे और माता-पिता के भरण पोषण की जिम्मेदारी थी। परिजनों को किसी तरह की सरकारी मदद का इंतजार है। परिजनों की मांग की है कि भरण पोषण के लिए आर्थिक सहायता का प्रबंध किया जाए।
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फ्लाइट न मिलने से हो रही देरी
शव वापस लाने की लगभग सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। युद्ध क्षेत्र होने के चलते फिलहाल फ्लाइट्स नहीं मिल रही हैं। भाई मनमोहन ने बताया कि दूतावास से लगातार संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि एक दो दिन में शव को रियाद से लखनऊ के लिए रवाना कर दिया जाएगा।