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कायाकल्प से बदल रही स्कूलों की सूरत

Fri, 16 Jul 2021 11:33 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 11:33 PM IST
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The face of schools is changing due to rejuvenation
सीतापुर। कायाकल्प योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदल रही है। एक बरस में जिले में 387 विद्यालय सभी सुविधाओं से परिपूर्ण हो गए हैं। यहां पर नौनिहालों के लिए शानदार बेंचे, पेयजल के साधन, साफ सफाई व फूलदार पौधे व मानक के अनुसार शिक्षकों की पोस्टिंग कर दी गई है। इससे इन विद्यालयों की अब सूरत देखते ही बन रही है। इस योजना का लाभ जिले के सभी विद्यालयों को मिलना तय है। हालांकि अभी इस योजना की मंजिल काफी दूर है। जिले में 3124 विद्यालयों में कायाकल्प होना है। यहां पर भी निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं। इन विद्यालयों की सूरत बेसिक शिक्षा विभाग व ग्राम पंचायतें अपनी निधि से करवाकर पढ़ने लायक माहौल बना रही है। इसका फायदा नौनिहालों को मिलेगा। उनको सरकारी विद्यालयों में कॉन्वेंट स्कूलों जैसी शानदार सुविधाएं मिलेगी।
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परिषदीय विद्यालयों में फैली अव्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कायाकल्प योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत 14 बिंदुओं पर विद्यालय में काम होना है। जिसमें विद्यालय में फर्नीचर, रंगाई पुताई, पेयजल के साधन, शौचालय, मूत्रालय, बिजली कनेक्शन, स्कूल तक पहुंचने का मार्ग आदि शामिल है। बेसिक शिक्षा विभाग के पास सभी विद्यालयों का कायाकल्प करने में बजट की कमी आ रही थी। इस पर कायाकल्प करने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग व ग्राम पंचायतों को दे दी गई थी। इस पर दोनों विभाग मिलकर बेहतर तरीके से काम भी कर रहे हैं। पिछले बरस से शुरू हुए निर्माण कार्य 387 परिषदीय विद्यालयों में पूर्ण हो चुके हैं। यानि यह विद्यालय सभी 14 बिंदुओं के पैरामीटर को पूर्ण कर रहे हैं। अब इन विद्यालयों के नौनिहालों के लिए पढ़ने की सभी सुविधाएं मौजूद हो गई हैं। वह स्कूल में आकर ब्लैकबोर्ड के साथ प्रोजेक्टर पर भी पढ़ सकते हैं। इससे यहां पढ़ने वाले नौनिहालों को फायदा मिलेगा। जबकि जिले में 3124 विद्यालयों में कायाकल्प के तहत विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। यह भी दिसंबर माह तक सभी 14 बिंदुओं के पूर्ण होने की उम्मीद की जा रही है।
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यह हो सकी हैं सुविधाएं
387 विद्यालयों में पूर्ण हुए 14 विकास के मानक
2713 विद्यालयों में पेयजल की हुई पर्याप्त व्यवस्था
2282 विद्यालयों में बालक व बालिका के लिए बने अलग-अलग शौचालय
808 विद्यालयों में मूत्रालय की हुई व्यवस्था
1896 विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन की हुई सुविधा
246 विद्यालयों में डेस्क-बेंचे पहुंची।
एक हजार विद्यालयों में जल्द पहुंचेगी बेंच
डीसी सिविल विकास का कहना है परिषदीय विद्यालयों के नौनिहालों को जल्द बेंचों की सुविधा मिलेगी। अगस्त माह तक एक हजार विद्यालयों में बेंच पहुंच जाएंगी। बेंच खरीद की प्रक्रिया करीब पूर्ण हो चुकी है। इससे जब विद्यालय नौनिहालों के लिए खुलेंगे तो वह इन बेंचों पर बैठकर पढ़ाई करते हुए दिखाई देंगे। इससे उनको विद्यालयों में पढ़ाई का बेहतर माहौल मिलेगा।
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तेजी से हो रहे हैं विकास कार्य
कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों में तेजी से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इससे विद्यालयों में पढ़ाई का बेहतर माहौल मिल रहा है। इससे शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार आएगा। -अजीत कुमार, बीएसए
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