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Sitapur News: चले गए डॉक्टर, राह तकते रहे मरीज

Tue, 05 May 2026 01:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Tue, 05 May 2026 01:14 AM IST
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The doctor left, and the patients waited
जिला अस्पताल की ओपीड़ी  में ईएनटी कक्ष में लटकता ताला।
सीतापुर। जिला अस्पताल के चिकित्सक ओपीडी सेवाओं को लेकर गंभीर नहीं है। सोमवार को 12:30 बजे ही अधिकतर ओपीडी सेवाएं बंद हो गईं। मरीज बाहर खड़े इंतजार करते रहे। समय से पहले चिकित्सकों के सीट छोड़ने से मरीज बेहद परेशान रहे। मजबूरी में इमरजेंसी व प्राइवेट में इलाज करवाया।
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जिला अस्पताल के ईएनटी कक्ष का 12:30 बजे दरवाजा बंद था, लेकिन ताला नहीं लगा हुआ था। बाहर खड़े मरीज हर्ष ने बताया एक घंटे से इंतजार कर रहा हूं। अभी तक कोई नहीं आया है। अब मंगलवार को फिर से आना पड़ेगा। इसी तरह साथिया काउंसलर कक्ष भी बंद था। दोपहर करीब एक बजे बाल रोग विशेषज्ञ भी नदारद थे।
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खैराबाद से आए मोहित ने बताया कि बेटे को बुखार के साथ खांसी आ रही है। बारिश के चलते अस्पताल देर से पहुंचे थे। डॉक्टर न मिलने से दिक्कत आ रही है। फिजिशियन कक्ष में डॉ. रचना गौड़ की कुर्सी खाली थी। महोली से आए रमेश ने बताया कि डॉ. रचना से इलाज चल रहा है। एक बजे आ गया था, अभी तक वह नहीं आई हैं। इसी तरह तमाम मरीज डॉक्टर न मिलने के कारण वापस चले गए।
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सुबह आठ से दो बजे तक है ओपीडी का समय
जिला अस्पताल प्रशासन का कहना है ओपीडी सेवाएं सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक संचालित होती हैं। इस दौरान सभी चिकित्सकों को ओपीडी में बैठने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद चिकित्सक गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। वह मनमर्जी से ओपीडी में बैठते है। चिकित्सक अगर कही जा रहे है और कितने बजे दोबारा आएंगे। यह बताने वाला भी वहां पर कोई नहीं है। इससे मरीजों को भागदौड़ करनी पड़ रही है।


सुबह के समय रहा सन्नाटा
सुबह आठ बजे से ओपीडी प्रारंभ हो गई। आंधी व बारिश के कारण मरीज समय से अस्पताल नहीं पहुंच सके। इससे सुबह के समय अस्पताल में सन्नाटा पसरा रहा। 11 बजे के बाद अस्पताल में भीड़ बढ़ी तो चिकित्सक गायब हो गए। देरी से पहुंचने के कारण 11 बजे के बाद पैथोलॉजी में सैंपल भी नहीं लिए गए।



जांच करके होगी कार्रवाई
चिकित्सकों को निर्धारित समय के अनुसार ओपीडी में बैठने के निर्देश दिए जा चुके हैं। चिकित्सक बिना कारण अगर ओपीडी से नदारद हैं तो जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. इंद्र सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
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